सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 13.96 करोड़ उड़ाने के मामले में मुंबई में आरोपी गिरफ्तार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
महाराष्ट्र साइबर की जांच में सामने आया कि फर्जीवाड़े का 1 करोड़ रुपया आरोपी मेहुल सिमारिया के खाते में पहुंचा था।
मुंबई में महाराष्ट्र साइबर की पुलिस ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 13.96 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम मेहुल सिमारिया है और उसकी उम्र 49 साल बताई गई है।
आजकल ऑनलाइन फ्रॉड और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए ग्राहकों के खाते से पैसे निकालने की वारदातें लगातार सामने आ रही हैं। लेकिन इस बार मामला अलग है। यहां किसी ग्राहक का नहीं, खुद बैंक के खाते से RTGS के जरिए 13.96 करोड़ रुपये अलग अलग बैंकों के खातों में घुमा दिए गए थे।
मामला पिछले अक्टूबर महीने का है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) में ट्रेजरी खाता है, और उसी खाते से यह रकम धोखाधड़ी से दूसरी जगह भेजी गई। 15 और 17 अक्टूबर को RTGS लेनदेन में हेराफेरी करके देश भर के अलग अलग बैंकों के लाभार्थी खातों में बड़ी रकम बिना इजाजत ट्रांसफर कर दी गई।
बैंक ने जो शिकायत दी है, उसके मुताबिक बैंक के सुरक्षित कम्युनिकेशन चैनल से RBI के पेमेंट प्रोसेसिंग सिस्टम तक जाने वाली RTGS प्रक्रिया में कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। इसी वजह से 187 अनधिकृत लेनदेन के जरिए 13.96 करोड़ रुपये फर्जीवाड़े से डेबिट हो गए। सिर्फ तीन दिन के भीतर यह रकम 36 अलग अलग बैंकों के 107 लाभार्थी खातों में पहुंचा दी गई।
इस सिलसिले में महाराष्ट्र साइबर विभाग के मुंबई स्थित नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3), 318(4) और 319(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी कानून, 2000 की धारा 43, 66 और 66(D) के तहत मामला दर्ज हुआ है।
मुंबई साइबर पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की और उसके बाद आरोपी मेहुल सिमारिया को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली। जांच में यह भी पता चला है कि इस फर्जीवाड़े की 1 करोड़ रुपये की रकम दूसरे खातों में भेजे जाने से पहले आरोपी के खाते में जमा हुई थी।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।