बांद्रा हिल रोड के लोगों का आरोप, अवैध फेरीवालों पर BMC ने आंखें मूंद रखी हैं
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बांद्रा वेस्ट के ALM 74 ने दो महीने पहले कमिश्नर अश्विनी भिड़े को चिट्ठी लिखी थी। निवासियों का आरोप है कि कार्रवाई कुछ ही दिन चली और फेरीवाले लौट आए।
बांद्रा वेस्ट के ALM 74 ने दो महीने पहले महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े को चिट्ठी लिखकर हिल रोड के फुटपाथों पर अवैध फेरीवालों के कब्जे की शिकायत की थी। अब निवासियों का आरोप है कि ब्रिहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ऐसी गतिविधियों की तरफ से आंखें मूंदे बैठी है।
19 अगस्त को H वेस्ट वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर दिनेश पालेवाड ने मौके का दौरा किया था। उसके बाद अवैध स्टॉलों पर कार्रवाई हुई। लेकिन निवासियों का आरोप है कि यह कार्रवाई मुश्किल से कुछ दिन चली। फेरीवालों ने फुटपाथ पर फिर से अस्थायी ढांचे खड़े कर लिए और बिना किसी डर के धंधा शुरू कर दिया।
नागरिक अधिकारियों ने बताया कि अवैध फेरीवालों को दो बार नोटिस भेजे गए हैं। जिन प्रॉपर्टी मालिकों की जगह पर ये दुकानें लगी हैं, उन्हें भी नोटिस दिए गए। निवासियों का कहना है कि 18 अक्टूबर को जवाब की मियाद खत्म हो गई, फिर भी BMC को कोई जवाब नहीं मिला।
ALM 74 के चेयरमैन रोहिंटन पोलिशवाला ने ही वार्ड को पहली चिट्ठी लिखकर कब्जे और बाकी समस्याओं की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा, "शुरुआती कार्रवाई से हमें बहुत उम्मीद थी, लेकिन जिन फेरीवालों की दुकानें हटाई गईं वे लौट आए और नागरिक अधिकारियों ने आगे कुछ नहीं किया। हमने संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि वे बांद्रा मेला और दशहरा खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं, पर आज तक कोई दिखने लायक कार्रवाई नहीं हुई।"
पोलिशवाला ने आगे कहा, "नोटिस का जवाब देने की मियाद 18 अक्टूबर को खत्म हो गई। हम बस चलने के लिए एक सुरक्षित जगह चाहते हैं। फुटपाथ पर कब्जे की वजह से लोग सड़क पर चल रहे हैं, और हमारे घरों के ठीक बाहर फेरीवाले मेरे जैसे उन निवासियों को लगातार परेशान करते हैं जिन्होंने उनका विरोध किया है। पैदल चलने वालों को प्राथमिकता देने वाली नीति हकीकत बनने में और कितना वक्त लगेगा?" स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि मुंबई के दूसरे इलाकों में ऐसी समस्याओं में काफी सुधार हुआ है, पर हिल रोड पर वैसा नहीं हो रहा।
पालेवाड ने सोमवार रात एक बयान साझा किया। उसमें कहा गया, "H वेस्ट डिवीजन के अतिक्रमण निर्मूलन विभाग के सीनियर इंस्पेक्टर ने अगस्त से सितंबर के बीच 57 अनधिकृत फेरीवालों पर कार्रवाई की है। साथ ही, लाइसेंसधारी स्टॉल वालों को दी गई अतिरिक्त जगह पर हुआ अतिक्रमण भी हटाया गया। इसके अलावा, खुली जगह का कमर्शियल इस्तेमाल होने देने पर सात इमारतों को नोटिस दिए गए। इनमें से एक ने नोटिस को चुनौती देते हुए सिटी सिविल कोर्ट का रुख किया है। वार्ड ने इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश असिस्टेंट लॉ ऑफिसर को भेज दिए हैं।"
H वेस्ट वार्ड के एक दस्तावेज में लिखा था, "इस दफ्तर ने जिन इमारतों को नोटिस भेजे गए हैं, उनके खिलाफ MMC एक्ट की धारा 152A के तहत जुर्माने की कार्यवाही शुरू करने के लिए assessment विभाग को पत्र भेजे हैं। साथ ही, बिल्डिंग एंड फैक्ट्री विभाग, लाइसेंस विभाग और मेंटेनेंस विभाग मिलकर हिल रोड की अलग-अलग इमारतों की अनिवार्य खुली जगहों में चल रहे कारोबारों पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।"
बांद्रा के निवासी लेस्ली जॉन मर्चेंट ने दावा किया कि फेरीवालों की तस्वीरें खींचने के बाद उन्हें परेशान किया गया। उन्होंने कहा, "8 अक्टूबर को मैं हिल रोड गया था, क्योंकि मुझे पता चला था कि मेयर आने वाले हैं। मैंने देखा कि कई फेरीवाले मेयर के दौरे के दौरान नजर न आने के लिए बाजार रोड की गलियों में चले गए थे। उनकी कुछ तस्वीरें लेते समय कुछ फेरीवालों ने मुझसे बहस की और आरोप लगाया कि मैं किसी से पैसे लेकर उन्हें परेशान कर रहा हूं।"
मर्चेंट ने आगे कहा, "वे मुझ पर चिल्लाते रहे और मुझे घेर लिया। उनमें से एक ने तो मेरी जेब में पैसे ठूंस दिए और कहा कि मैं अधिकारियों को रिपोर्ट न करने के बदले उनसे वसूली कर रहा हूं। मैं डर गया था, इसलिए मैंने बांद्रा पुलिस को बुलाया। पुलिस मौके पर पहुंची और दो फेरीवालों और मुझे स्टेशन ले गई। पूरी बात बताने के बाद मैंने उनसे इन लोगों के खिलाफ NCR [नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट] दर्ज करने को कहा, जो कर दी गई है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने BMC और पुलिस को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "NCR 9 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 351(2), 115(2) और 356(2) के तहत दर्ज की गई। आरोपी शकील अहमद कुरैशी और उसके बेटे शाहबाज के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। दोनों से 75,000 रुपये का बॉन्ड लिया गया है।"
नोटिस का जवाब देने की मियाद 18 अक्टूबर को खत्म हो चुकी है।
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