अजित पवार के विमान हादसे की जांच: NCP दिवाली के बाद फडणवीस से मिलकर तेजी की मांग करेगी
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
NCP की कोर कमेटी ने बुधवार को तय किया कि पार्टी के मंत्री और विधायक दिवाली के बाद मुख्यमंत्री से मिलेंगे और CBI जांच की मांग फिर उठाएंगे।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की कोर कमेटी की बुधवार को बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने की। बैठक में तय हुआ कि पार्टी के मंत्री और विधायक दिवाली के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलेंगे। मकसद यह है कि बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे में अजित पवार की मौत की CID जांच जल्द पूरी हो।
पार्टी हादसे की केंद्रीय जांच एजेंसी यानी CBI से जांच कराने की अपनी मांग भी दोबारा उठाएगी। कहा जा रहा है कि इस कदम का एक मकसद यह भी है कि विपक्ष, खासकर NCP (SP) के विधायक रोहित पवार, जांच की रफ्तार पर बार-बार सवाल न उठा सकें और फडणवीस सरकार पर देरी का आरोप न लगा सकें।
बैठक में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे, मंत्री छगन भुजबल और हसन मुश्रीफ, पूर्व मंत्री दिलीप वलसे पाटिल और धनंजय मुंडे, सांसद पार्थ पवार और युवा नेता जय पवार मौजूद थे।
NCP सूत्रों के मुताबिक, बैठक में फैसलों की जानकारी रखने वालों का कहना है कि जांच पर चर्चा कुछ ही दिन पहले की एक मुलाकात के बाद हुई। सुनेत्रा पवार और अजित पवार के बेटे जय पवार 28 अक्टूबर को पुणे में CID मुख्यालय गए थे। उन्होंने जांच की ताजा स्थिति पूछी, समय-सीमा पर और बाकी तकनीकी मंजूरी वाली रिपोर्टों पर साफ जवाब मांगा। साथ ही पारदर्शिता और जल्द नतीजे की जरूरत पर जोर दिया।
CID हादसे के संचालन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है और शुरुआती पूछताछ कर चुकी है, जिसमें परिवार के सदस्यों और राजनीतिक प्रतिनिधियों से बातचीत भी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अंतिम रिपोर्ट से पहले तकनीकी रिपोर्टों और नागरिक उड्डयन की विशेष एजेंसियों से मिली जानकारी को परखा जा रहा है।
महाराष्ट्र सरकार ने फरवरी 2026 में मामला CBI को सौंपने की औपचारिक सिफारिश की थी। यह सिफारिश उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और NCP के दूसरे वरिष्ठ नेताओं की मांग के बाद आई थी। उस वक्त हादसे को लेकर जनता में चिंता थी और राजनीतिक आरोप भी लग रहे थे। बाद में फडणवीस ने साफ किया था कि CBI जांच की सिफारिश कायम है, लेकिन एजेंसी की आपराधिक या तोड़फोड़ की जांच औपचारिक रूप से तभी शुरू होगी जब विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) अपने अंतिम तकनीकी नतीजे सौंप देगा। AAIB की तकनीकी जांच में आम तौर पर एक साल तक लग जाता है।
कोर कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे अजित पवार गुट और शरद पवार गुट के विवाद का भी जायजा लिया। सर्वसम्मति से तय हुआ कि पार्टी की पैरवी के लिए वरिष्ठ वकीलों की टीम रखी जाएगी। शरद पवार गुट ने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें अजित पवार के गुट को असली NCP माना गया और पार्टी का मूल चुनाव चिन्ह 'Clock' दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने अजित पवार गुट को नोटिस जारी किया और विवाद को मेरिट पर सुनने की इजाजत दी।
अंतरिम इंतजाम के तौर पर कोर्ट ने अजित पवार गुट को चुनाव में 'Clock' इस्तेमाल करने दिया है। शर्त यह है कि प्रचार सामग्री और विज्ञापनों में साफ लिखा हो कि चिन्ह का आवंटन कोर्ट में विचाराधीन है और अदालत के अंतिम फैसले पर निर्भर है। शरद पवार गुट के लिए कोर्ट ने 'Nationalist Congress Party - Sharadchandra Pawar' नाम को मान्यता दी और उसे 'Man Blowing Turha' चिन्ह दिया। कोर्ट ने अजित पवार गुट से यह भी कहा कि वह पार्टी के संस्थापक शरद पवार की तस्वीरें, नाम या वीडियो अपने प्रचार में इस्तेमाल न करे। कोर्ट ने गुट से "अपने पैरों पर खड़े होने" और अलग पहचान बनाने को कहा।
चुनाव आयोग के विधायी दल में बहुमत की कसौटी अपनाने को लेकर संवैधानिक चुनौती अब भी भारत के मुख्य न्यायाधीश की अगुआई वाली बेंच के पास लंबित है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नाम और चिन्ह से जुड़े अंतरिम इंतजाम कोर्ट का अंतिम आदेश आने तक जारी रहेंगे।
बुधवार की बैठक ऐसे वक्त हुई जब NCP के वरिष्ठ नेताओं और पार्टी के युवा सदस्यों के बीच, जिन्हें अक्सर 'Young Turks' कहा जाता है, मतभेद बढ़ रहे हैं। सोमवार के बाद यह कोर कमेटी की दूसरी बैठक थी। रविवार को वरिष्ठ नेता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे और खबर है कि उन्होंने सांसद पार्थ पवार के एकतरफा कामकाज और फैसलों से अपने कथित बाहर रखे जाने पर चिंता जताई थी। मंगलवार को पार्टी के विधायकों और मंत्रियों ने भी इस अंदरूनी खींचतान पर चिंता जताई थी। नेताओं और विधायकों का कहना था कि एकता की कमी से पार्टी कमजोर हो रही है और जमीनी कार्यकर्ता पार्टी की दिशा को लेकर उलझन में हैं। फिर भी कोर कमेटी ने वरिष्ठ और युवा नेताओं के मतभेदों पर, या महाराष्ट्र में पार्टी की स्थिति मजबूत करने और देशभर में उसका विस्तार करने की रणनीति पर चर्चा नहीं की।
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