बुधवार, 4 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

पटाखों के समय पर हाईकोर्ट: महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर करे विचार

पटाखों के समय पर हाईकोर्ट: महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर करे विचार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 संस्कृति डेस्क

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों से कहा है कि दिवाली पर पटाखे फोड़ने के समय को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश महाराष्ट्र में कितने लागू हो सकते हैं, इस पर विचार किया जाए।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि दिवाली के दौरान पटाखे फोड़ने के नियमित समय को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्देश दिए हैं, वे राज्य में कितने लागू होते हैं, इस पर विचार किया जाए। कोर्ट का मकसद शहर में पर्यावरण और सेहत को होने वाले गंभीर नुकसान को रोकना है।

यह आदेश 13 पन्नों का है। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने यह आदेश तब दिया, जब उसने खुद संज्ञान लेकर मामला उठाया। मामला बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की ओर से दिवाली पर अभिनेत्री दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने का है। बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के 29 अक्टूबर के निर्देशों का जिक्र किया, जो त्योहारों के मौसम में दिल्ली-NCR में प्रदूषण के ऊंचे स्तर को देखते हुए जारी हुए थे।

बुधवार को उपलब्ध कराए गए हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक कोर्ट की राय है कि राज्य सरकार और दूसरी एजेंसियां इन निर्देशों पर गौर करें, खासकर पटाखे फोड़ने के समय वाले निर्देशों पर। इनमें महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, BMC और पुलिस विभाग शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिवाली पर मंजूर किए गए ग्रीन पटाखे सिर्फ तय समय में फोड़े जाएं। नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में यह समय सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक है।

हाईकोर्ट ने कहा, "हमारी राय में राज्य सरकार और महाराष्ट्र के संबंधित प्राधिकरणों के लिए उचित होगा कि वे स्थानीय हालात को देखते हुए इन निर्देशों की प्रासंगिकता और अमल पर विचार करें।"

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में रेखांकित किया था कि दिवाली सभी समुदायों में मनाया जाने वाला खुशी का राष्ट्रीय त्योहार है, लेकिन बेकाबू तरीके से पटाखे फोड़ना पर्यावरण और सेहत के लिए गंभीर खतरा है। इससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में तेज उछाल आ सकता है और बेहद बारीक पार्टिकुलेट मैटर (PM) बनता है, जो कई दिनों तक हवा में टिका रहता है।

उसी आदेश में हाईकोर्ट ने पटाखों के खिलाफ जागरूकता वाले दीया मिर्जा के सोशल मीडिया संदेश को हटाए जाने को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताया। बेंच ने कहा कि कोर्ट के आदेशों के तहत सेहत और पर्यावरण से जुड़ी पहल हो रही हो, तो उसमें गुटबाजी या व्यक्तिगत सोच की कोई गुंजाइश नहीं है।

बेंच ने दीया मिर्जा के साथ माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड, अजिंक्य रहाणे, हर्षदा खानविलकर, स्वप्निल जोशी और कुशल बद्रिके की भी तारीफ की। इन सबने बिना कोई मेहनताना लिए आगे आकर सेहत और पर्यावरण के इस अभियान का साथ दिया।

सुनवाई मंगलवार को हुई थी, लेकिन बुधवार तक BMC ने अभिनेत्री का वीडियो दोबारा अपलोड नहीं किया था। हाईकोर्ट ने कहा कि महानगरपालिका के लिए "आदर्श और बेहद वांछनीय" होगा कि वह हटाई गई पोस्ट अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर बहाल करे। कोर्ट ने यह भी कहा कि मुंबई की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत आपसी मेलजोल की भावना पर टिकी है।

बेंच ने कहा कि सिर्फ दीया मिर्जा का संदेश चुनकर हटाने वाली इस घटना में कोर्ट के आदेशों के "व्यापक आशय, उद्देश्य और गंभीरता" की अनदेखी होती दिखती है। ये आदेश हवा और ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए हैं। बेंच के शब्दों में, "कुछ लोगों की ऐसी प्रतिक्रियाओं की कोई गुंजाइश या औचित्य नहीं हो सकता, खासकर तब, जब ऐसी प्रतिक्रियाएं पंथनिरपेक्षता के सर्वोच्च संवैधानिक सिद्धांतों के प्रत्यक्ष खिलाफ हों, जो सर्वोपरि हैं और जिनका पालन हर नागरिक को करना है।"

कोर्ट ने सरकारी अधिकारियों और राज्य की मशीनरी को भी आगाह किया। उसने कहा कि हर सरकारी कार्रवाई का मकसद सिर्फ सद्भाव बढ़ाना और जाति, समुदाय या धर्म से ऊपर उठकर हर व्यक्ति का सम्मान करना होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए उसने कहा, "भाईचारे और आपसी सम्मान का माहौल बनाना जरूरी है, यह मानते हुए कि किसी भी त्योहार को मनाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।" फैसलों के मुताबिक किसी को भी जश्न से अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए।

कोर्ट ने प्रदूषण रोकने के लिए महानगरपालिका प्रशासन के कदमों की फिर सराहना की। साथ ही कहा कि हटाए गए जागरूकता वीडियो बहाल करना संवैधानिक मानदंडों के अनुरूप होगा और इससे मामला सकारात्मक नोट पर खत्म होगा।

हाईकोर्ट की सुनवाई उस विवाद के बाद हुई, जो दीया मिर्जा के वीडियो से खड़ा हुआ था। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम की आपत्ति और मेयर ऋतु तावड़े की उस टिप्पणी के बाद, जिसमें उन्होंने अभिनेत्री को "हिंदू विरोधी" कहा, BMC ने उनका क्लिप सोशल मीडिया से चुनकर हटा दिया। लोगों से हवा और ध्वनि प्रदूषण से बचने की अपील करने वाला उनका क्लिप हटा, जबकि अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और निशिगंधा वाड तथा क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे वाले अभियान के वीडियो BMC के X और Instagram हैंडल पर बने रहे।

#मुंबई#कल्चर#PT24#Culture#Mumbai

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे