बुधवार, 4 नवंबर 2026

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आदिवासी जिलों में आधार और बर्थ सर्टिफिकेट के लिए स्पेशल कैंप, बावनकुले का निर्देश

आदिवासी जिलों में आधार और बर्थ सर्टिफिकेट के लिए स्पेशल कैंप, बावनकुले का निर्देश तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
समाज PT24 समाज डेस्क

रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकारी योजनाओं का फायदा लेने में आदिवासी भाइयों को डॉक्यूमेंट्स की कमी से दिक्कत न हो।

रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने निर्देश दिया है कि राज्य के सभी आदिवासी जिलों में आदिवासी भाइयों को आधार कार्ड और बर्थ सर्टिफिकेट दिलाने के लिए खास कैंपेन चलाया जाए। ये दोनों डॉक्यूमेंट्स सरकारी योजनाओं का फायदा उठाने के लिए ज़रूरी हैं।

बावनकुले ने यह भी कहा कि राज्य के 16 आदिवासी जिलों को आधार रजिस्ट्रेशन के सेट अलग से दिए जाएं, ताकि वहां काम में रुकावट न आए।

यह निर्देश मंत्रालय में हुई एक मीटिंग में आया। मीटिंग आदिवासियों, मजदूरों, महिलाओं, बच्चों और कामगारों के अलग-अलग पेंडिंग मामलों को लेकर बुलाई गई थी और उसकी अध्यक्षता बावनकुले ने की।

मीटिंग में वसई की MLA स्नेहा दुबे पंडित, डहाणू के MLA कॉमरेड विनोद निकोले, पूर्व MLA विवेक पंडित और कॉमरेड जे. पी. गावित मौजूद थे। रिहैबिलिटेशन डिपार्टमेंट के जॉइंट सेक्रेटरी संजय इंगले और रेवेन्यू डिपार्टमेंट के डिप्टी चीफ सेक्रेटरी विकास खड़गे भी शामिल हुए।

किसान सभा की तरफ से वर्किंग प्रेसिडेंट राडका कलंगडा, ट्रेज़रर सदाशिव साबले और पालघर डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी ऑफ़ इंडिया-मार्क्सिस्ट किरण गेहला आए थे। ठाणे, पालघर और अहिल्यानगर जिलों के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, संबंधित अधिकारी और अलग-अलग ऑर्गनाइज़ेशन के पदाधिकारी भी बैठक में थे।

बावनकुले ने कहा कि सरकारी स्कीम का फायदा लेते वक्त आदिवासी भाइयों को डॉक्यूमेंट्स न होने की वजह से कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने एडमिनिस्ट्रेशन से खास पहल करने को कहा।

उन्होंने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टरों को निर्देश दिया कि बर्थ रजिस्ट्रेशन से लेकर आधार रजिस्ट्रेशन तक का प्रोसेस आसान बनाया जाए। एलिजिबल नागरिकों को ये सुविधाएँ देने के लिए प्लान्ड तरीके से स्पेशल कैंप लगाए जाएं।

मंत्री ने सिर्फ प्रशासन पर बात नहीं छोड़ी। उन्होंने लोकल लोगों के प्रतिनिधियों और आदिवासी संगठनों से भी अपील की कि वे खुद पहल करें। उनके मुताबिक ये लोग आदिवासी भाइयों में जागरूकता लाएं, पब्लिक मीटिंग करें और ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स पूरे करवाने में मदद करें।

कुल मिलाकर बैठक का ज़ोर इस पर रहा कि आधार और बर्थ सर्टिफिकेट जैसे डॉक्यूमेंट्स की कमी आदिवासी जिलों में सरकारी योजनाओं के रास्ते में न आए। इसके लिए बावनकुले ने प्रशासन, लोकल प्रतिनिधियों और संगठनों, तीनों को अपनी-अपनी भूमिका निभाने को कहा।

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