वाशी में साइकिल पर बैठा मिला बड़ा इंडियन रॉक पायथन, रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा गया
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नवी मुंबई के वाशी की रिहायशी बस्ती में साइकिल पर अजगर दिखा। वन्यजीव संस्था सह्याद्री रेस्क्यू वॉरियर्स ने उसे सुरक्षित पकड़कर उपयुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
नवी मुंबई के वाशी में एक रिहायशी इलाके में खड़ी साइकिल पर एक बड़ा इंडियन रॉक पायथन आराम करता मिला। साइकिल पर अजगर को देखकर आसपास के लोग घबरा गए। इसके बाद वन्यजीवों के लिए काम करने वाली संस्था सह्याद्री रेस्क्यू वॉरियर्स के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के लिए कॉल आने पर संस्था के सदस्य अक्षय डांगे और धीरज गायकवाड़ तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों ने अजगर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ लिया।
अजगर दिखने से इलाके के लोगों में चिंता थी। इसलिए रेस्क्यू करने वालों ने सिर्फ अजगर को पकड़कर ही काम खत्म नहीं किया। उन्होंने वहां के लोगों से बातचीत भी की और उन्हें समझाया कि अजगर पर्यावरण के लिए कितने जरूरी हैं और इकोसिस्टम का संतुलन बनाए रखने में उनकी क्या भूमिका है।
रेस्क्यू के बाद अजगर को एक उपयुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि इंसानों और जंगली जानवरों का आमना-सामना बढ़ता जा रहा है। तेजी से बढ़ता शहरीकरण और घटते प्राकृतिक आवास की वजह से रिहायशी इलाके अब जानवरों के ठिकानों के और करीब आ गए हैं।
वन्यजीव रेस्क्यू करने वालों ने जोर देकर कहा कि शहरों में जंगली जानवरों की मौजूदगी के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाना जरूरी है। साथ ही ऐसे मौकों पर जिम्मेदारी से पेश आना भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जंगली जानवर के पास न जाएं, उसे नुकसान न पहुंचाएं और खुद उसे पकड़ने की कोशिश न करें। इसके बजाय प्रशिक्षित वन्यजीव रेस्क्यू करने वालों को बुलाएं।
इसी अक्टूबर में पहले ठाणे में भी एक अलग घटना हुई थी। वहां जाल में उलझा हुआ एक वयस्क इंडियन रैट स्नेक बचाया गया, जिसकी लंबाई करीब 7 से 8 फीट थी। ठाणे रेंज फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को फंसे हुए सांप की सूचना मिली थी। विभाग ने वाइल्डलाइफ वेलफेयर एसोसिएशन (WWA) के एक रेस्क्यू करने वाले को खबर दी।
मौके पर पहुंचकर उसने सावधानी से सांप को जाल से निकाला। सांप के शरीर पर कोई चोट नजर नहीं आई। थोड़ी देर निगरानी में रखने के बाद उसे उसी जगह छोड़ दिया गया, ताकि उसके प्राकृतिक इलाके में कोई खलल न पड़े।
WWA के स्वयंसेवक शिवम दुबे ने कहा, "फेंके गए जाल वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं, क्योंकि सांप और दूसरे जानवर उनमें उलझ जाते हैं और खुद को छुड़ा नहीं पाते। लोगों को ऐसे जाल जिम्मेदारी से ठिकाने लगाने चाहिए। अगर उन्हें कोई सांप फंसा हुआ दिखे, तो खुद संभालने की कोशिश करने के बजाय फॉरेस्ट डिपार्टमेंट या प्रशिक्षित वन्यजीव रेस्क्यू करने वालों को बताएं।"
यह घटना बताती है कि फेंके गए जाल वन्यजीवों के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं और कचरे को जिम्मेदारी से ठिकाने लगाना क्यों जरूरी है, ताकि जानवर उनमें फंसने से बचें।
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