मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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कर्जत में रिलायन्स फाउंडेशन बनाएगा 100 एकड़ की टाउनशिप 'अनंत आश्रय', नीता अंबानी ने किया ऐलान

कर्जत में रिलायन्स फाउंडेशन बनाएगा 100 एकड़ की टाउनशिप 'अनंत आश्रय', नीता अंबानी ने किया ऐलान तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
समाज PT24 समाज डेस्क

मुंबई के पास कर्जत में अनाथ बच्चों, ज्येष्ठ नागरिकों और दिव्यांग लोगों समेत 5 हजार से ज्यादा लोगों के लिए उम्र भर का ठिकाना बनेगा।

रिलायंस फाउंडेशन मुंबई के पास कर्जत में 100 एकड़ पर एक बड़ी रिहायशी टाउनशिप बनाने जा रहा है। फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष नीता अंबानी ने इसका ऐलान किया। इस टाउनशिप का नाम 'अनंत आश्रय' है। यहां 5 हजार से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को उम्र भर के लिए ठिकाना मिलेगा और उनकी रोज की देखभाल का इंतज़ाम भी यहीं होगा।

इस प्रोजेक्ट का मकसद अनाथ बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगता वाले लोगों को अपना घर देना है। रविवार को नीता एम. अंबानी के हाथों इसका भूमिपूजन और नींव रखने का कार्यक्रम हुआ। बताया गया है कि काम कई चरणों में पूरा किया जाएगा।

यहां रहने वालों के साथ उनकी देखभाल करने वाला स्टाफ, हेल्थ सेवाएं, डॉक्टर और दूसरे सहायक कर्मचारी भी रहेंगे। इस तरह करीब 15 हजार लोगों का एक पूरा समुदाय अनंत आश्रय में बसेगा। रहने की सुविधा, खास मेडिकल इलाज, पुनर्वास, पढ़ाई और काम का हुनर सिखाने की ट्रेनिंग, ये सब एक ही जगह मिलेगा।

नीता अंबानी ने कहा कि जिन लोगों को लंबे समय तक देखभाल की ज़रूरत है, उन्हें सुरक्षित घर, हेल्थ सेवा और आगे बढ़ने के मौके देना इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद है। उन्होंने कहा, "मेरे और मेरे परिवार के लिए 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' दिल के करीब की एक नई शुरुआत है। दिव्यांग लोगों, घर की ज़रूरत वाले बच्चों और प्यार, देखभाल और सहारा ढूंढ रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक प्यार भरा घर बनाने की दिशा में यह अहम कदम है।" उनके मुताबिक यहां इंसानियत, देखभाल और मेडिकल मदद से परिवार जैसा अपनापन देने वाला समुदाय बनाना है।

नीता अंबानी ने यह भी कहा, "जिन माता-पिता ने उम्र भर अपने बच्चों की देखभाल की और अपने बाद उनकी फिक्र में जीते हैं, उन्हें यहां मन की शांति मिले, यह एक मां के तौर पर मेरी दिली इच्छा है। उन्हें भरोसा हो कि मेरा बच्चा उम्र भर सुरक्षित घर में, अपने परिवार जैसे प्यार भरे माहौल में रहेगा।" उन्होंने कहा कि हर उम्र के हर इंसान को इज़्ज़त से जीने और हर नए दिन को उम्मीद से देखने का मौका मिले, यही उनकी अपेक्षा है।

टाउनशिप में भारतीय नदियों के नाम पर आठ रिहायशी गांव बसाए जाएंगे। हर गांव का अपना अलग रंग, अपने प्रतीक और संवेदी बगीचे होंगे, ताकि रहने वाले अपना इलाका आसानी से पहचान सकें और बेफिक्र घूम सकें। घर परिवार जैसे माहौल वाले होंगे। हर घर के लिए अलग केयरगिवर और माता-पिता की भूमिका निभाने वाला स्टाफ रखा जाएगा। हर रहने वाले के लिए अलग केयर प्लान बनेगा, जिसमें हेल्थ सेवा, पढ़ाई, हुनर, रोज़गार और निजी भलाई शामिल होगी। इसकी समीक्षा कम से कम हर छह महीने में होगी। पूरे परिसर में अस्पताल, मंदिर, खेल के मैदान, बगीचे, खेती, वर्कशॉप और कैफे जैसी सुविधाएं भी रहेंगी।

अस्पताल में विकासात्मक चिकित्साशास्त्र, अपस्मार (मिर्गी) का इलाज, खास ज़रूरत वाले मरीज़ों के लिए दांतों का इलाज और दर्द कम करने और जीवन स्तर सुधारने वाले इलाज मिलेंगे। पुनर्वास में फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी और हाइड्रोथेरेपी होगी। इसके अलावा खेल और मनोरंजन की सुविधाएं, खास शिक्षा सेवाएं, स्टाफ के बच्चों के लिए नियमित स्कूल और 'वंतारा' के विशेषज्ञों की देखरेख में बनने वाला प्राणी आवास केंद्र भी बनेगा।

टाउनशिप में बेकरी, कैफे और हस्तकला केंद्र शुरू होंगे, जिनसे रहने वालों को काम की ट्रेनिंग और रोज़गार के मौके मिलेंगे। परिवारों को कुछ वक्त आराम देने के लिए अस्थायी रहने की सुविधा, चलते-फिरते मेडिकल दवाखाने और पैलिएटिव केयर विभाग की भी योजना है। दिव्यांग लोगों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित लोग तैयार करने वाली राष्ट्रीय ट्रेनिंग अकादमी भी बनाई जाएगी।

आसपास के गांवों और जिलों को भी कुछ चुनी हुई सेवाएं दी जाएंगी। इलाके के करीब एक हजार लोगों को इलाज, पढ़ाई और रोज़गार के मौकों का फायदा मिलने की उम्मीद है। जागरूकता कार्यक्रम, अस्थायी देखभाल सेवा और सामुदायिक हेल्थ सेवा की भी योजना है। पेचीदा मेडिकल दिक्कतों वाले लोगों पर खास ध्यान दिया जाएगा।

रिलायंस फाउंडेशन रिलायंस कंपनी की सामाजिक और परोपकारी संस्था है। उसका काम हेल्थ, शिक्षा, ग्रामीण बदलाव, खेल, आपदा प्रबंधन, महिला सशक्तीकरण, शहरी विकास और कला और संस्कृति के क्षेत्र में है। फाउंडेशन की पहलों का फायदा देश के 98 हजार से ज्यादा गांवों और शहरी इलाकों में 10 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंच चुका है।

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