विश्व पास्ता दिवस: इटली की गलियों से भारतीय किचन तक पास्ता का सफर, ये हैं 5 मशहूर किस्में
हर साल 25 अक्टूबर को मनाया जाने वाला विश्व पास्ता दिवस पास्ता की लोकप्रियता, उसकी किस्मों और सेहत से जुड़े फायदों की याद दिलाता है।
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इटली की गलियों से शुरू हुआ पास्ता आज दुनिया के हर किचन में अपनी जगह बना चुका है। बच्चों के टिफिन से लेकर बड़े होटलों के फाइव स्टार मेनू तक, पास्ता की अपनी अलग पहचान है। हर साल 25 अक्टूबर को दुनिया भर में विश्व पास्ता दिवस (World Pasta Day) मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ पास्ता खाने की खुशी के लिए नहीं है। इसका मकसद इस पकवान की दुनिया भर में लोकप्रियता, उसकी वैरायटी और सेहत से जुड़े फायदों के बारे में लोगों को जागरूक करना भी माना जाता है।
कई बार पास्ता को जंक फूड समझ लिया जाता है, लेकिन यह गलती है। सही चीजें डालकर बनाया जाए तो पास्ता शरीर के लिए बहुत एनर्जी देने वाला और पौष्टिक हो सकता है। अलग-अलग देशों के खानपान को जोड़ने का काम भी इस पास्ता कल्चर ने किया है। तो इस खास दिन पर जानते हैं कि पास्ता का इतिहास क्या है, यह कैसे बनता है और भारतीय खानपान में इसने कैसे जगह बनाई।
विश्व पास्ता दिवस मनाने की शुरुआत 1995 में हुई। इटली के रोम शहर में 'वर्ल्ड पास्ता काँग्रेस' (World Pasta Congress) नाम की एक कॉन्फ्रेंस हुई थी, जिसमें दुनिया भर के पास्ता बनाने वाले और एक्सपर्ट जमा हुए। इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद इटालियन पास्ता को दुनिया में आधिकारिक पहचान दिलाना और उसकी पौष्टिकता का प्रचार करना था।
इसके बाद 1998 में 'वर्ल्ड पास्ता ऑर्गनाइजेशन' (WPO) बना। तब से हर साल 25 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फूड फेस्टिवल, कुकिंग कॉम्पिटीशन और जागरूकता के कार्यक्रम होते हैं। इस दिन नामी शेफ (Chefs) एक साथ आकर पास्ता की नई-नई रेसिपी बनाते हैं और डिजिटल मीडिया के जरिए पास्ता पसंद करने वालों से बात करते हैं।
पास्ता ज्यादातर दुरम गेहूं (Durum Wheat), सूजी (Semolina) या चावल के आटे से बनता है। आजकल सेहत का ख्याल रखने वालों के लिए मल्टीग्रेन, ओट्स, क्विनोआ और रागी या ज्वार जैसे मोटे अनाज (Millets) से बना पास्ता भी बाजार में मिलता है।
पास्ता के लोकप्रिय प्रकारों में पेन्ने (Penne) है, जो नली जैसे आकार का होता है और जिसके सिरे तिरछे कटे होते हैं। यह व्हाइट या रेड सॉस के साथ बढ़िया लगता है। फ्यूजिली (Fusilli) स्प्रिंग या स्क्रू के आकार का होता है और उसमें सॉस अच्छी तरह बैठ जाता है। स्पैगेटी (Spaghetti) लंबा और पतला, सेवइयों जैसा दिखता है और इटली में बहुत पारंपरिक माना जाता है। मैकरोनी (Macaroni) छोटी मुड़ी हुई नली के आकार की होती है और भारत में सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। रैवियोली (Ravioli) में सब्जियां या चीज भरकर बनाया जाता है।
आम तौर पर पास्ता को शरीर के लिए नुकसानदेह माना जाता है, पर एक्सपर्ट्स के मुताबिक सही तरीके से बना पास्ता सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। पास्ता में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स (Complex Carbohydrates) होते हैं, जो शरीर को धीरे-धीरे और लंबे समय तक एनर्जी देते हैं।
होल व्हीट (Whole Wheat) या मोटे अनाज से बने पास्ता में फाइबर भरपूर होता है, जिससे पाचन सुधरता है और वजन काबू में रखने में मदद मिलती है। साधे पानी में उबाले गए पास्ता में फैट की मात्रा न के बराबर होती है। अगर उसमें ब्रोकली, शिमला मिर्च, गाजर जैसी सब्जियां और ऑलिव ऑयल डाला जाए तो यह पूरा संतुलित आहार बन जाता है।
भारत में जब पास्ता आया तो उसे सिर्फ पश्चिमी खाना माना जाता था। लेकिन भारतीय गृहिणियों और शेफ्स ने उसमें भारतीय मसालों का तड़का लगाकर 'देसी पास्ता' का नया आइडिया खड़ा कर दिया। आज भारतीय घरों में गरम मसाला, टमाटर-प्याज की ग्रेवी और हरी मिर्च डालकर बनने वाला मसाला पास्ता बहुत पसंद किया जाता है। बाजार में अब बच्चों की पसंद और पौष्टिकता दोनों का ध्यान रखने वाला गेहूं का पास्ता बड़े पैमाने पर बिकता है। इस तरह यह इटालियन डिश अब भारतीय खानपान का हिस्सा बन चुकी है।
यह दिन मनाने के लिए घर पर ऑलिव ऑयल, टोमैटो प्यूरी और ताजी सब्जियों से हेल्दी पास्ता की नई रेसिपी बनाई जा सकती है। वीकेंड पर परिवार या दोस्तों के साथ पास्ता पार्टी रखी जा सकती है। और बनाए हुए पास्ता की फोटो #WorldPastaDay हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर शेयर की जा सकती है।
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