मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
21:34 IST

विसर्जनानंतर ग्रहदोष दूर करने को अनंत चतुर्दशी पर करें इन चीजों का दान

गणेश चतुर्थी के बाद अनंत चतुर्दशी के दिन बाप्पा को विसर्जित करने की परंपरा है, और इसी दिन दान करने की भी मान्यता है।

विसर्जनानंतर ग्रहदोष दूर करने को अनंत चतुर्दशी पर करें इन चीजों का दान
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

गणेश चतुर्थी के उत्सव के बाद अनंत चतुर्दशी के दिन अपने प्यारे बाप्पा को विदा किया जाता है, जिसे गणेश विसर्जन कहते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस विसर्जन से भगवान गणेश अपने भक्तों के दुख दूर करते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। विसर्जन के बाद कुछ चीजों का दान करना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे साल भर भगवान गणेश का आशीर्वाद मिलता है और कुंडली में मौजूद अशुभ ग्रहों का प्रभाव भी कम होता है।

पंचांग के मुताबिक इस साल भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि गुरुवार, 24 सितंबर की रात 11:18 बजे शुरू हो रही है और यह तिथि 25 सितंबर की रात 11:06 बजे खत्म होगी। उदयतिथि के हिसाब से अनंत चतुर्दशी शुक्रवार, 25 सितंबर को मनाई जाएगी।

मान्यता है कि बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए अनंत चतुर्दशी के दिन हरी सब्जियां, मौसमी फल और पान के पत्ते दान करना बहुत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इससे ग्रहों की परेशानी से छुटकारा मिलता है और कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है।

अगर आर्थिक तंगी चल रही हो, तो गणेश विसर्जन के दिन चावल, मूंग या तेल दान करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा खिचड़ी बनाकर जरूरतमंद लोगों को खिलाई जा सकती है। ऐसा करने से अटके हुए काम पूरे होने में मदद मिलती है, ऐसी मान्यता है।

शुक्र ग्रह का आशीर्वाद पाने के लिए अनंत चतुर्दशी पर आटा, चीनी और नमक जैसी चीजों का दान शुभ माना जाता है। इससे शुक्र ग्रह की कृपा मिलती है और जीवन में सुख-सुविधाओं व संसाधनों में बढ़ोतरी होती है।

इच्छाएं पूरी करने के लिए गणपति के विसर्जन के बाद बेसन, चना दाल, केला या पपीता दान करने की परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से इच्छाएं पूरी होती हैं।

अनंत चतुर्दशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ कपड़े पहनने की परंपरा है। घर के मंदिर की साफ-सफाई कर भगवान विष्णु की श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है। अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार अनंत व्रत रखने की भी परंपरा है, और व्रत के दौरान सात्विक भोजन व संयम का पालन करने की मान्यता है।

अनंत चतुर्दशी पर 14 गांठों वाले अनंत सूत्र की पूजा की जाती है। मान्यता है कि ये गांठें 14 लोकों की प्रतीक मानी जाती हैं। पूजा के बाद पुरुष इसे दाहिने हाथ में और महिलाएं बाएं हाथ में बांधते हैं। इस दिन भगवान विष्णु का नामस्मरण, विष्णुसहस्रनाम या विष्णु मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

अपनी क्षमता के मुताबिक जरूरतमंद लोगों को अन्न, कपड़े या जरूरी सामान दान करने की परंपरा है, और दान दिखावे के बजाय श्रद्धा से करने की धार्मिक भावना है। अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन करने वाले परिवारों और मंडलों में आरती, प्रार्थना और भक्तिभाव से बाप्पा को विदाई देने की परंपरा है।

मान्यता के अनुसार यह दिन भक्ति, संयम और शांति से बिताना चाहिए, इसलिए घर में या किसी से अनावश्यक बहस से बचने की सलाह दी जाती है। इस दिन नामस्मरण और धार्मिक आचरण को अहमियत दी जाती है, इसलिए दूसरों को दुख पहुंचाने वाले शब्द या नकारात्मक बातचीत से बचने की परंपरा है। अनंत व्रत या विष्णु पूजा करते समय शांत मन से पूजा करने और परिवार की प्रथा-परंपरा के मुताबिक विधि करने की सलाह दी जाती है। चूंकि यह धार्मिक दिन है, इसलिए अन्न बर्बाद न कर जरूरत के हिसाब से खाना बनाने और बचे हुए भोजन का सही इस्तेमाल करने की बात कही जाती है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे