विसर्जन के बाद स्कूली बच्चों ने संभाली गिरगांव चौपाटी की सफाई की जिम्मेदारी
गौरी-गणपती विसर्जन के बाद ग्रँट रोड के राजस्थानी महिला मंडल स्कूल के बच्चों ने CMCA के साथ मिलकर गिरगांव चौपाटी पर सफाई अभियान चलाया।
मुंबई में गणेशोत्सव जितनी धूमधाम और भक्ति भाव से मनाया जाता है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी विसर्जन के बाद समुद्र किनारों की सफाई की भी बन जाती है। यही संदेश देते हुए ग्रँट रोड इलाके के राजस्थानी महिला मंडल स्कूल के बच्चों ने गिरगांव चौपाटी पर एक सफाई अभियान चलाया। गौरी-गणपती विसर्जन के बाद यह अभियान CMCA संस्था की तरफ से आयोजित किया गया था।
गौरी-गणपती के विसर्जन के लिए गिरगांव चौपाटी पर हर साल बड़ी तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विसर्जन के बाद किनारे पर फूल, हार, निर्माल्य और तरह-तरह का कचरा भारी मात्रा में जमा हो जाता है। ऐसे में समुद्र किनारे को साफ रखने के लिए बच्चे खुद मैदान में उतरे और उन्होंने सफाई का संदेश दिया।
इस अभियान में बच्चों ने किनारे पर पड़ा कचरा उठाकर इलाके को साफ करने में हाथ बंटाया। सिर्फ क्लास में पर्यावरण बचाने का पाठ पढ़ने के बजाय बच्चों को इस मौके पर सीधे काम करके सामाजिक और पर्यावरण से जुड़ी जिम्मेदारी समझने का मौका मिला।
गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरण के अनुकूल त्योहार मनाने की अहमियत बार-बार बताई जाती है। लेकिन विसर्जन के बाद समुद्र किनारों को साफ रखना और सार्वजनिक जगहों पर कचरा न फेंकना भी नागरिकों की एक बड़ी जिम्मेदारी है। बच्चों की इस कोशिश के जरिए मुंबईकरों को यही संदेश दिया गया।
CMCA की पहल पर चलाए गए इस अभियान से बच्चों में सफाई, नागरिक कर्तव्य और पर्यावरण बचाने को लेकर जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली। गणेशोत्सव का जश्न मनाते हुए भी प्रकृति और शहर की सफाई बनाए रखने की जिम्मेदारी हर किसी की है, यही संदेश इस अभियान से दिया गया।
मुंबई के गणेशोत्सव की बात हो तो गिरगांव चौपाटी पर होने वाला गणेश विसर्जन इसका सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है। गणेशोत्सव के अलग-अलग दिनों में घरेलू और सार्वजनिक गणेश मूर्तियों का विसर्जन यहां किया जाता है। खासकर गौरी-गणपती और अनंत चतुर्दशी के दिन गिरगांव चौपाटी इलाके में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है।
मुंबई के अलग-अलग इलाकों से गणेश मूर्तियां विसर्जन के लिए गिरगांव चौपाटी लाई जाती हैं। ढोल-ताशों की गूंज, गुलाल की उड़ान और "गणपती बाप्पा मोरया, अगले साल जल्दी आना" के जयकारों के बीच श्रद्धालु अपने प्यारे बाप्पा को विदाई देते हैं। कई मशहूर सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के विसर्जन जुलूस का रास्ता भी दक्षिण मुंबई से होते हुए गिरगांव चौपाटी तक जाता है।