विधान परिषद की 5 सीटों पर आज गिनती, महायुति की साख दांव पर
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए 23 अक्टूबर को हुए मतदान की गिनती आज 27 अक्टूबर को हो रही है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों के चुनाव की मतगणना आज, 27 अक्टूबर को हो रही है। वोटिंग 23 अक्टूबर को हुई थी। अब सबकी नजर पुणे ग्रेजुएट, पुणे टीचर, नागपुर ग्रेजुएट, छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट और अमरावती टीचर, इन पांच निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों पर है।
यह द्विवार्षिक चुनाव विधान परिषद की कुल 78 सीटों में से 5 सीटों के लिए हो रहा है। इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को खत्म होने वाला है। इसीलिए नए प्रतिनिधि चुनने के लिए वोटिंग कराई गई। इन पांच निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 10,68,072 मतदाता हैं और 182 उम्मीदवार मैदान में हैं। नतीजों से महायुति में शामिल पार्टियों की ताकत और स्थानीय स्तर पर उनके असर की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
23 अक्टूबर को कुल 72.96 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। टीचर निर्वाचन क्षेत्रों में वोटरों का जोश ज्यादा दिखा, जबकि ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्रों में तुलना में कम वोट पड़े। निर्वाचन क्षेत्र के हिसाब से आंकड़े ये रहे: अमरावती टीचर में 92.25 फीसदी, पुणे टीचर में 85.86 फीसदी, नागपुर ग्रेजुएट में 64.82 फीसदी, पुणे ग्रेजुएट में 62.76 फीसदी और छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट में 59.12 फीसदी।
अमरावती टीचर निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज्यादा 92.25 फीसदी वोटिंग हुई, इसलिए इस सीट के नतीजे पर खास नजर है। दूसरी तरफ छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट में सबसे कम 59.12 फीसदी वोट पड़े।
इस चुनाव के लिए महायुति ने सीटों का 3:1:1 का फॉर्मूला तय किया था। इसके मुताबिक बीजेपी ने 3 सीटों पर, एनसीपी के सुनेत्रा पवार गुट ने 1 सीट पर और शिवसेना के शिंदे गुट ने 1 सीट पर ध्यान लगाया। पुणे ग्रेजुएट, पुणे टीचर और नागपुर ग्रेजुएट की जिम्मेदारी बीजेपी के पास थी। छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट सीट एनसीपी के सुनेत्रा पवार गुट को मिली, जबकि अमरावती टीचर सीट शिंदे गुट के हिस्से में थी।
सीटों का बंटवारा तय हो गया था, फिर भी महायुति में सब कुछ ठीक नहीं था। कुछ जगहों पर सहयोगी पार्टियों के बीच अंदरूनी नाराजगी और बगावत की वजह से सियासी समीकरणों पर चर्चा होती रही। पुणे में बीजेपी के खिलाफ खड़े बागी उम्मीदवारों को शिंदे गुट का समर्थन मिलने की चर्चा थी। अब देखना होगा कि इस आपसी मतभेद का नतीजों पर क्या असर पड़ता है।
ये पांचों नतीजे महायुति के साथ विपक्षी पार्टियों के लिए भी अहम माने जा रहे हैं। टीचर और ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्रों के स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवारों की छवि और पार्टी के अंदर की नाराजगी ने वोटरों पर कितना असर डाला, यह नतीजों से साफ हो सकता है।
आज की गिनती से पता चलेगा कि किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं। उम्मीद जताई गई है कि दोपहर तक पांचों सीटों के नतीजे घोषित हो जाएंगे। हालांकि नतीजों के ऐलान का असली वक्त गिनती की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
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