विदर्भ में मानसून कमजोर, नागपुर में सामान्य से 33% कम बारिश, पारा 34 डिग्री के पार
नागपुर जिले में अब तक 904 मिमी की जगह सिर्फ 603 मिमी बारिश हुई है, जिससे बांधों और खेती पर असर पड़ रहा है, हालांकि मौसम विभाग ने 26 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में इस बार मानसून ने निराश किया है। नागपुर समेत क्षेत्र के कई जिलों में बारिश सामान्य के मुकाबले काफी कम दर्ज हुई है। ताजा आंकड़ों की मानें तो नागपुर जिले में अब तक सामान्य तौर पर 904 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक सिर्फ 603 मिमी ही बरसात हुई है। यानी जिले में बारिश की कमी 33 फीसदी तक पहुंच गई है।
हालांकि मौसम विभाग की तरफ से थोड़ी राहत की खबर भी है। विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 26 सितंबर तक विदर्भ में बारिश तेज हो सकती है और इस दौरान कई जगहों पर भारी बरसात होने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए विदर्भ के अलग अलग इलाकों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं।
बुधवार को नागपुर में बादल पूरी तरह गायब रहे, जिसका सीधा असर तापमान पर पड़ा। शहर का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मंगलवार के मुकाबले जस का तस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले 24 घंटों में 1.6 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। यानी बारिश की गैरमौजूदगी में रात का तापमान भी ऊपर जा रहा है।
मानसून की इस बेरुखी का सबसे ज्यादा नुकसान किसानों और जलस्रोतों को हो रहा है। सामान्य से 33 फीसदी कम बारिश की वजह से बांधों और जलाशयों में पानी का स्तर चिंता बढ़ाने वाली सीमा तक गिर चुका है। खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए पानी की किल्लत सामने आ रही है, जिससे आने वाले दिनों में पैदावार पर असर पड़ने का डर है। अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो गांवों में पीने के पानी और सिंचाई दोनों को लेकर संकट और गहरा सकता है।
प्रशासन और मौसम विभाग की टीमें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि 26 सितंबर तक होने वाली संभावित भारी बारिश से बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ेगी। साथ ही भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, ताकि अचानक पानी भरने जैसी स्थिति से बचा जा सके।
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