मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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21:34 IST

विदर्भ में 3 नए एक्सप्रेसवे को मंजूरी, नागपुर-गोंदिया और भंडारा-गढ़चिरौली पर जल्द टेंडर

MSRDC दो हफ्ते में नागपुर-गोंदिया, भंडारा-गढ़चिरौली और नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेसवे के टेंडर निकालेगा, जमीन अधिग्रहण के लिए HUDCO से लोन भी मंजूर।

विदर्भ में 3 नए एक्सप्रेसवे को मंजूरी, नागपुर-गोंदिया और भंडारा-गढ़चिरौली पर जल्द टेंडर
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

विदर्भ में सड़कों का जाल बिछाने की तैयारी तेज हो गई है। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी MSRDC अगले दो हफ्तों में तीन बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स के लिए नए टेंडर निकालने वाला है। इनमें नागपुर-गोंदिया, भंडारा-गढ़चिरौली और नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इसके अलावा नवेगांव मोरे-सुरजागढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे भी इस इलाके के लिए एक अहम प्रोजेक्ट माना जा रहा है।

इन सभी एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम भी साथ-साथ आगे बढ़ रहा है। महाराष्ट्र कैबिनेट पहले ही इस अधिग्रहण के लिए HUDCO से लोन लेने को हरी झंडी दे चुकी है। दिलचस्प बात यह है कि ये सारे प्रस्तावित एक्सप्रेसवे मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे के ही विस्तार के तौर पर देखे जा रहे हैं, यानी इनका मकसद विदर्भ की कनेक्टिविटी को और मजबूत करना है।

सबसे पहले बात नागपुर-गोंदिया एक्सप्रेसवे की करें तो इसकी लंबाई करीब 162 किलोमीटर रखी गई है और इस पर करीब 3,162 करोड़ रुपये खर्च होने का अंदाजा है। इस रोड के बनने के बाद नागपुर से गोंदिया का सफर जो अभी करीब तीन घंटे में तय होता है, वह घटकर सिर्फ 75 मिनट के आसपास रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे नागपुर, भंडारा और गोंदिया जिलों के 10 तालुकाओं और 115 गांवों से होकर गुजरेगा। इस पूरे रूट पर 26 फ्लाईओवर, 8 अंडरपास, 15 बड़े पुल, 63 छोटे पुल और 71 नहर क्रॉसिंग बनाए जाने की योजना है।

दूसरा प्रोजेक्ट है भंडारा-गढ़चिरौली एक्सप्रेसवे, जिसकी लंबाई करीब 94 किलोमीटर होगी और इस पर लगभग 931.15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। चार लेन का यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भंडारा, लाखांदूर, ब्रह्मपुरी, आरमोरी और गढ़चिरौली जैसे इलाकों को आपस में जोड़ेगा। इसके तैयार होने के बाद भंडारा से गढ़चिरौली का सफर करीब दो घंटे में पूरा हो सकेगा, यानी दूरी करीब 23 किलोमीटर कम हो जाएगी और सफर के वक्त में करीब 75 मिनट की बचत होगी।

वहीं नवेगांव मोरे-सुरजागढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे को भी विदर्भ के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि यह इलाके में प्रस्तावित स्टील प्लांट और खनन गतिविधियों के लिए बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्शन मुहैया करा सकता है, जिससे इंडस्ट्री को भी सीधा फायदा मिलेगा।

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