गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:04 IST

नाबालिगों को गाड़ी चलाने देने पर नागपुर में 26 पालकों को 30 हजार का जुर्माना

नागपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्ती से नाबालिगों को वाहन देने वाले पालकों और मालिकों पर कोर्ट में सजा और भारी जुर्माना

नाबालिगों को गाड़ी चलाने देने पर नागपुर में 26 पालकों को 30 हजार का जुर्माना तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर शहर ट्रैफिक पुलिस ने नाबालिगों को गाड़ी चलाने देने वाले पालकों और वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है। 2026 में दर्ज हुए ऐसे 26 मामलों में कोर्ट ने आरोपियों को दोषी ठहराया है, और हर मामले में 30 हजार रुपए का जुर्माना ठोका गया है। इसके अलावा संबंधित ड्राइविंग लाइसेंस पर भी 12 महीने के लिए कार्रवाई हुई है, जिसमें लाइसेंस रद्द करना या उसे डिसक्वालिफाई करना शामिल है।

रोड एक्सीडेंट रोकने और नाबालिगों को गाड़ी चलाने से रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस लगातार ड्राइव चला रही है। इसमें सिर्फ गाड़ी चलाते पकड़े गए नाबालिगों पर ही नहीं, बल्कि उन्हें गाड़ी देने वाले पालकों और वाहन मालिकों पर भी फोकस किया जा रहा है।

2026 में ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने ऐसे कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए थे जिन्होंने कथित तौर पर नाबालिगों को गाड़ी चलाने दी। कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद इनमें से 26 आरोपियों को दोषी करार दिया गया।

इन मामलों में मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199A के तहत 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही धारा 199(4) के तहत हुई कार्रवाई में ड्राइविंग लाइसेंस को 12 महीने के लिए रद्द या डिसक्वालिफाई किया गया। इस तरह हर दोषसिद्धि में कुल जुर्माना 30 हजार रुपए बैठा।

पालक अक्सर छोटे-मोटे काम, किसी जगह जल्दी पहुंचने या बच्चों की जिद पूरी करने के लिए उन्हें थोड़ी दूर गाड़ी चलाने दे देते हैं। लेकिन ऐसा फैसला सिर्फ बच्चे के लिए नहीं, बल्कि सड़क पर मौजूद बाकी लोगों के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।

ज्यादातर नाबालिगों के पास वैध लाइसेंस नहीं होता, और उनका अनुभव कम होने की वजह से अचानक आए ट्रैफिक, तेज रफ्तार गाड़ियों, टर्न और ब्रेक लगाने जैसी सिचुएशन में वे ठीक से रिएक्ट नहीं कर पाते।

ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि गाड़ी चलाते पकड़े जाने पर सिर्फ नाबालिग को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा। गाड़ी देने वाले पालक या वाहन मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

इस ड्राइव का मकसद पालकों को यह समझाना है कि नाबालिग के हाथ में गाड़ी की चाबी देना गंभीर लापरवाही मानी जा सकती है, और इसके कानूनी नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।

ट्रैफिक डिपार्टमेंट शहर के बड़े चौराहों, व्यस्त सड़कों और स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स की आवाजाही वाले रास्तों पर कार्रवाई कर रहा है। पुलिस नाबालिगों पर पैनी नजर रख रही है और नियम तोड़ने पर तुरंत एक्शन ले रही है।

अधिकारियों ने यह भी कहा है कि नाबालिगों को गाड़ी चलाने से रोकने के लिए पालकों, स्कूल-कॉलेज और समाज सबका साथ जरूरी है। पालक अगर अपने नाबालिग बच्चों को गाड़ी न चलाने दें, तो एक्सीडेंट का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नागपुर सिटी ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने कहा है कि नाबालिगों को गाड़ी चलाने देने वाले पालकों और वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को बाइक, स्कूटर या किसी भी मोटर व्हीकल पर गाड़ी न चलाने दें। पालकों से गुजारिश है कि बच्चों की सेफ्टी को पहले रखें और उन्हें गाड़ी की चाबी न सौंपें।

ट्रैफिक पुलिस का साफ मैसेज है कि नाबालिग को गाड़ी चलाने देने से सिर्फ कानूनी जुर्माना ही नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़े गंभीर खतरे भी पैदा हो सकते हैं।

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