वाशिम में किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक सिखाई गई, 'खेती बचाओ अभियान' के तहत कार्यक्रम
वाशिम में कृषि विभाग और आत्मा ने मिलकर किसानों के लिए मार्गदर्शन कार्यक्रम रखा, जिसमें तिलहन फसलों, मिट्टी की सेहत और मौसम बदलने के हिसाब से खेती पर बात हुई।
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वाशिम, 24 अक्टूबर: मौसम लगातार बदल रहा है। ऐसे में खेती को ज्यादा टिकाऊ, ज्यादा पैदावार वाली और फायदे की बनाने के लिए सुधरी हुई कृषि तकनीक अपनाना जरूरी है। इसी मकसद से कृषि विभाग और कृषि तकनीक प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) ने मिलकर 'खेती बचाओ अभियान' के तहत किसानों के लिए एक मार्गदर्शन कार्यक्रम रखा।
कार्यक्रम स्व. बालासाहेब ठाकरे किसान प्रशिक्षण केंद्र, काटा रोड, वाशिम में हुआ। यहां खेती से जुड़े अलग-अलग विषयों पर विशेषज्ञों ने किसानों को बताया। आधुनिक तकनीक अपनाने, मिट्टी की सेहत बचाने, तिलहन फसलों की पैदावार बढ़ाने और मौसम बदलने के हिसाब से खेती का इंतजाम सुधारने पर खास जोर रहा।
उपविभागीय कृषि अधिकारी संतोष वालके ने उन्नत कृषि तकनीक, शून्य जुताई खेती, एग्री स्टैक और महाविस्तार अभियान के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल, खेती के इंतजाम में सुधार और खेती से जुड़ी डिजिटल सुविधाओं का फायदा किसानों तक पहुंचाना क्यों अहम है।
जिला मृदा सर्वेक्षण अधिकारी अनिल राठोड ने मृदा आरोग्य पत्रिका के हिसाब से संतुलित खाद के इस्तेमाल पर बात की। उन्होंने साफ किया कि जमीन की उपजाऊ ताकत बनी रहे, इसके लिए मिट्टी की जांच के आधार पर खाद डालनी चाहिए और फसल की जरूरत के मुताबिक पोषक तत्वों का इंतजाम करना चाहिए।
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी आरिफ शाह ने तिलहन फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए सुधरी तकनीक और फसल प्रबंधन पर बात की। साथ ही स्थानीय हालात और मौसम बदलाव के हिसाब से कृषि तकनीक के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में सही फसल की योजना बनाना, उपलब्ध पानी का किफायत से इस्तेमाल करना, सुधरी फसल प्रबंधन तकनीक अपनाना और खेती का जोखिम घटाने के उपाय करना जरूरी है। सोयाबीन के बीज को कैसे रखा जाए, इस बारे में भी उन्होंने जानकारी दी।
परियोजना निदेशक अनिसा महाबले ने 'खेती बचाओ अभियान' के उद्देश्य बताए और अभियान के तहत चल रही गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के आखिरी सत्र में आत्मा के परियोजना उपनिदेशक अजय मोरे की मौजूदगी में सामग्री बांटी गई और किसानों से फीडबैक लिया गया। इस कार्यक्रम के जरिए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक की जानकारी देने, सुधरी खेती के तरीके फैलाने और कृषि विभाग की अलग-अलग योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। कृषि विभाग और आत्मा की साझा कोशिशों से किसानों को तकनीक आधारित, फायदेमंद और टिकाऊ खेती की तरफ बढ़ाने के लिए कई मार्गदर्शन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
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