वसई के डंपिंग ग्राउंड में भीषण आग, धुएं से इलाके में दहशत
भोईदापाड़ा डंपिंग ग्राउंड में लगी आग से निकले धुएं ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया, लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
वसई पूर्व के भोईदापाड़ा इलाके में स्थित डंपिंग ग्राउंड में कल रात करीब 10 बजे भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि वसई डंपिंग ग्राउंड के आसपास का पूरा नजारा ही बदल गया और वहां से मोटे-मोटे धुएं के गुबार उठने लगे।
इस धुएं ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया था। सिर्फ भोईदापाड़ा ही नहीं, बल्कि सातिवली, वालीव, वालीव फाटा, फादरवाड़ी, एवरशाइन, गोखिवरे और नायगांव तक धुआं फैलता हुआ दिखाई दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में लोगों में दहशत का माहौल बन गया है।
डंपिंग ग्राउंड में कचरा जलने से जो धुआं निकल रहा है, उसकी वजह से आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और तेज बदबू की शिकायतें लगातार आ रही हैं। कई इलाकों में इस आग का धुआं साफ-साफ दिखाई दे रहा है, जिससे लोगों में अपनी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।
डंपिंग ग्राउंड में कचरा जलने की वजह से इलाके में तेज बदबू और धुआं और भी बढ़ गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और आंखों में जलन जैसी दिक्कतें भी झेलनी पड़ रही हैं। भोईदापाड़ा डंपिंग प्रोजेक्ट को लेकर इससे पहले भी कचरा, बदबू, प्रदूषण और आग लगने की घटनाओं पर लोग सवाल उठाते रहे हैं। अब इस घटना के बाद महानगरपालिका प्रशासन की आग से बचाव की व्यवस्था और मैनेजमेंट पर फिर से सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों का गुस्सा है कि डंपिंग प्रोजेक्ट में आग लगती है, धुआं किलोमीटरों तक फैल जाता है और इसका सीधा असर हजारों लोगों पर पड़ता है, फिर भी प्रशासन इस मामले को गंभीरता से कब लेगा।
लोगों की मांग है कि इस पूरी घटना की जांच होनी चाहिए, यानी यह देखा जाए कि क्या डंपिंग प्रोजेक्ट में आग से बचाव के इंतजाम थे, आग पर काबू पाने में प्रशासन को कितना वक्त लगा, और इस आग से निकले धुएं का लोगों की सेहत पर क्या असर पड़ा। लोगों का कहना है कि यह मामला सीधे उनकी सेहत और सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए महानगरपालिका प्रशासन को सिर्फ आग बुझाने तक ही सीमित न रहकर इस डंपिंग प्रोजेक्ट की पूरी व्यवस्था और सुरक्षा की जांच करनी चाहिए।