वर्ल्ड टुरिझम डे 2026: महाराष्ट्र पर्यटन विभाग AI चैटबोट, डिजिटल टिकिटिंग से 'स्मार्ट टुरिझम' की तरफ
महाराष्ट्र पर्यटन विभाग वर्ल्ड टुरिझम डे 2026 के मौके पर AI चैटबोट, डिजिटल डैशबोर्ड, स्मार्ट पार्किंग और CCTV जैसी सुविधाओं के जरिए पर्यटन को डिजिटल बना रहा है।
पूरी दुनिया में पर्यटन क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है, और इसमें डिजिटल टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आने वाले टाइम में बड़ा रोल निभाने वाले हैं। नए-नए टेक्नोलॉजी की वजह से पर्यटन का एक्सपीरियंस लेने का और उसे मैनेज करने का तरीका बदल रहा है। एडवांस टेक्नोलॉजी की वजह से पर्यटकों को जानकारी और सर्विस आसानी से मिल रही है, साथ ही पर्यटन का प्लानिंग और मैनेजमेंट भी पहले से ज्यादा असरदार तरीके से हो पा रहा है।
वर्ल्ड टुरिझम डे 2026 के मौके पर महाराष्ट्र अपनी समृद्ध विरासत, संस्कृति, प्रकृति, अध्यात्म, एडवेंचर और लोकल एक्सपीरियंस को डिजिटल टेक्नोलॉजी और AI के जरिए मॉडर्न टुरिझम सिस्टम से जोड़ रहा है। टेक्नोलॉजी और इंसानी भागीदारी दोनों के दम पर महाराष्ट्र एक आसान, सुरक्षित, सबको साथ लेकर चलने वाला और समृद्ध पर्यटन एक्सपीरियंस देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्ल्ड टुरिझम डे 2026 की थीम है "डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पर्यटन की नई कल्पना", जो इस बदलाव की अहमियत को दिखाती है।
इसी सोच के साथ महाराष्ट्र पर्यटन विभाग डिजिटल टेक्नोलॉजी और AI का इस्तेमाल करके पर्यटकों को आसान, सुरक्षित और पर्सनल टुरिझम एक्सपीरियंस देने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए विभाग डिजिटल डैशबोर्ड, स्मार्ट टिकिटिंग, 'महाअतिथी' वेबसाइट, मोबाइल ऐप, AI पर बेस्ड 'महामुनी' चैटबोट, स्मार्ट पार्किंग और डिजिटल स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम जैसे कई कदम उठा रहा है।
महाराष्ट्र में टुरिझम की पूरी जानकारी एक ही जगह पर देने के लिए पर्यटन विभाग की वेबसाइट पहले से चल रही है। इसके अलावा आगे चलकर इस वेबसाइट पर सर्विस और स्कीमों की जानकारी देने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड भी बनाया जाएगा, जिससे राज्य के अलग-अलग टूरिस्ट स्पॉट्स की सिचुएशन समझना और रियल डेटा के आधार पर फैसला लेना आसान होगा। वेबसाइट पर राज्य के टूरिस्ट स्पॉट्स, जिलों, हिस्टोरिकल और कल्चरल हेरिटेज, बीच, सीनिक जगहें, धार्मिक स्थल और एडवेंचर टुरिझम की जानकारी मिलती है।
'महाअतिथी' वेबसाइट भी एक अहम डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो पर्यटकों और टुरिझम सेक्टर के लोगों के बीच भरोसेमंद कड़ी का काम करती है। इस पर होमस्टे, बेड एंड ब्रेकफास्ट, होटल, रिसॉर्ट, कृषि पर्यटन केंद्र, फार्म स्टे और टुरिझम विला की बुकिंग सीधे की जा सकती है। इसके साथ ही 'Maharashtra Tourism' नाम से एक ऑफिशियल मोबाइल ऐप भी बनाया जा रहा है, जिसमें मैप, ट्रैवल प्लानिंग, टिकट बुकिंग, इवेंट और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट जैसी सुविधाएं होंगी। इसका मकसद "One App - Complete Maharashtra Tourism Experience" वाला कॉन्सेप्ट लागू करना है।
AI पर बेस्ड 'महामुनी' चैटबोट पर्यटकों को कई भाषाओं में जल्दी और पर्सनल जानकारी देता है, जैसे टूरिस्ट स्पॉट, धार्मिक स्थल, टिकट, ठहरने की जगह वगैरह। लोकल टुरिझम बिजनेस करने वालों के लिए डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन बुकिंग और साइबर सिक्योरिटी पर स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी चलाया जाएगा।
कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर परिसर में स्मार्ट पार्किंग सिस्टम शुरू किया गया है, जहां मोबाइल ऐप से पार्किंग की जगह पहले से बुक की जा सकती है। मेजर टूरिस्ट स्पॉट्स पर CCTV और स्मार्ट एंट्री गेट लगाने पर भी विभाग विचार कर रहा है। साथ ही, पर्यटन विभाग की 10 सर्विस अब MAITRI 2.0 पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिनमें क्लासिफिकेशन सर्टिफिकेट, MSME टुरिझम प्रोजेक्ट, स्टैंप ड्यूटी छूट और कृषि, एडवेंचर व कैरावन टुरिझम की रजिस्ट्रेशन शामिल है।