वर्धा पुलिस की सितंबर की क्राइम रिव्यू बैठक, नवरात्रि और साइबर जागरूकता पर चर्चा
वर्धा जिला पुलिस ने 13 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सितंबर की मासिक क्राइम रिव्यू बैठक की।
वर्धा जिला पुलिस की सितंबर 2026 की मासिक क्राइम रिव्यू बैठक 13 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हुई। बैठक में पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल और अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे प्रमुख रूप से मौजूद थे।
बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, आने वाले त्योहारों के दौरान एहतियाती उपाय, साइबर सुरक्षा और पुलिस के प्रशासनिक कामकाज की विस्तार से समीक्षा की गई और जरूरी हिदायतें दी गईं। संबंधित अधिकारियों ने कई विषयों पर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के जरिए जानकारी रखी और प्रशासनिक मुद्दों पर मार्गदर्शन किया।
नवरात्रि की तैयारी पर वर्धा शहर के पुलिस निरीक्षक चतरकर ने प्रेजेंटेशन दिया। जिले में कुल 1256 देवियों की स्थापना होनी है और इसे देखते हुए खास सतर्कता रखने की बात हुई। कानून व्यवस्था बनाए रखने, ट्रैफिक का अच्छा इंतजाम, ध्वनि प्रदूषण पर काबू और मंडलों के बीच गलतफहमी टालने के लिए जरूरी सावधानी बरतने को कहा गया। हर मंडल में एक जिम्मेदार अधिकारी तय किया गया है और तालमेल के लिए खास व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया है। बेहतरीन काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
साइबर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक पाटील ने 1 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले 'साइबर जनजागृति महीने' की पूरी कार्ययोजना रखी। यह अभियान उद्घाटन से समापन तक कुल 7 चरणों में चलाया जाएगा।
आने वाले दिनों में अलग-अलग पार्टियों के आंदोलनों को देखते हुए खास सतर्कता रखने के निर्देश दिए गए। आंदोलनों को संभालते समय सावधानी और संयम रखने को कहा गया और सोशल मीडिया पर लगातार कड़ी नजर रखने की बात की गई।
अवैध धंधों, स्ट्रीट क्राइम, चेन स्नैचिंग, जबरन चोरी, वाहन चोरी और आदतन अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए। शराबबंदी और NDPS के तहत असरदार कार्रवाई पर खास जोर रहा और अपराधियों पर लगातार दबदबा रखने की हिदायत दी गई।
PPT के बाद हुई क्राइम रिव्यू बैठक में पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल ने कई अहम निर्देश दिए। सभी उपविभागीय पुलिस अधिकारी (SDPO) और शहर पुलिस निरीक्षक (City PI) मिलकर कानून व्यवस्था (L&O) और जरूरी कानूनी मुद्दों पर वर्कशॉप आयोजित करें। चार्जशीट तय समय में कोर्ट में पेश करने को कहा गया।
एक्सीडेंट के मामलों की जांच बहुत गंभीरता और वैज्ञानिक तरीके से करने और हादसों में होने वाली मौतें कम करने के लिए सूचनाएं दी गईं। पुलिस की अकार्यक्षमता या देरी की वजह से कोई भी 'सेशन कमिटेड केस' छूटना नहीं चाहिए, इसका खास ध्यान रखने को कहा गया।
पुलिस स्टेशन का माहौल तनावमुक्त और अच्छा रखने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही पुलिस स्टेशन के अधिकारी पुलिस परिवारों से नियमित बातचीत करें और उनकी दिक्कतें जानें।
बैठक में वर्धा जिले के सभी उपविभागीय पुलिस अधिकारी, सभी पुलिस स्टेशनों के थानेदार, स्थानीय अपराध शाखा, साइबर पुलिस स्टेशन, विशेष शाखा और दूसरी संबंधित शाखाओं के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक ने वहां मौजूद सभी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ स्नेहभोज किया।