उल्लास साक्षरता योजने की FLNAT परीक्षा टली, शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को भेजा पत्र
महाराष्ट्र में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत साल २०२६-२७ के लिए होने वाली पहली पायाभूत साक्षरता व संख्याज्ञान मूल्यांकन परीक्षा यानी FLNAT को आगे टाल दिया गया है। यह परीक्षा पहले २० सितंबर २०२६ को सुबह १० बजे से शाम ५ बजे तक ऑफलाइन तरीके से होनी तय थी, लेकिन कुछ अपरिहार्य प्रशासकीय वजहों से इसे स्थगित करने का फैसला लिया गया।
शिक्षा संचालनालय (योजना) के शिक्षा संचालक तथा राज्य साक्षरता अभियान प्राधिकरण, महाराष्ट्र राज्य, पुणे के सदस्य सचिव कृष्णकुमार पाटील ने १६ सितंबर को इस बारे में पत्र भेजा। यह पत्र राज्य के सभी जिलों के शिक्षाधिकारी (योजना) और मुंबई के शिक्षाधिकारी (योजना) को भेजा गया है, जिसमें परीक्षा टलने की जानकारी दी गई है। साथ ही यह भी बताया गया है कि FLNAT परीक्षा की नई तारीख और समय अभी तय नहीं हुआ है।
परीक्षा की तैयारी को लेकर जिला स्तर पर पहले से कई काम शुरू हो चुके थे, जैसे परीक्षा केंद्र तय करना, परीक्षार्थियों का रजिस्ट्रेशन और लिस्ट बनाना, जरूरी इंतजाम करना और संबंधित सिस्टम के साथ तालमेल बिठाना। अब परीक्षा टलने के बाद इन सभी तैयारियों को फिलहाल रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
पत्र में यह भी कहा गया है कि परीक्षार्थियों, स्वयंसेवकों, शिक्षकों, मुख्याध्यापकों, परीक्षा केंद्र से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों और बाकी संबंधित लोगों को परीक्षा टलने की जानकारी दी जाए, ताकि परीक्षा को लेकर कोई कन्फ्यूजन न रहे। इस बात का खास ध्यान रखने को कहा गया है।
केंद्र सरकार के उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत १५ साल और उससे ऊपर की उम्र के उन नागरिकों के लिए यह पायाभूत साक्षरता व संख्याज्ञान मूल्यांकन परीक्षा (FLNAT) आयोजित की जाती है, जो पढ़ना-लिखना नहीं जानते। इस परीक्षा का मकसद अनपढ़ता कम करके बुनियादी साक्षरता को बढ़ावा देना है।
यह परीक्षा कुल १५० अंकों की होती है, जिसमें वाचन, लेखन और संख्याज्ञान यानी गणित - इन तीन बुनियादी विषयों का बंटवारा किया गया है। इस योजना के जरिए सिर्फ अक्षर पहचानना ही नहीं सिखाया जाता, बल्कि डिजिटल साक्षरता, पैसों के लेनदेन की समझ, कानूनी जानकारी, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों की भी शिक्षा दी जाती है।