TVS Ntorq 150: कीमत, EMI और मेंटेनेंस का पूरा हिसाब खरीदने से पहले जान लें
125cc स्कूटर से ज्यादा पावर वाली स्कूटर लेने का सोच रहे लोगों के लिए TVS Ntorq 150 की कीमत, EMI और खर्च की पूरी जानकारी
125cc स्कूटर से अब ज्यादा पावर वाली स्कूटर लेने का सोच रहे ग्राहकों के बीच TVS Ntorq 150 इस वक्त चर्चा में है। इस स्कूटर की शुरुआती कीमत Rs 1,12,300 है, और इसके STD और TFT दोनों वेरिएंट में कीमत का फर्क भी है। इस स्कूटर का EMI कैलकुलेशन और बाकी खर्चे क्या रहते हैं, इसकी जानकारी यहां दी जा रही है।
STD वेरिएंट की कीमत Rs 1,12,300 है, तो वहीं TFT वेरिएंट की कीमत Rs 1,21,300 रखी गई है। यानी दोनों में एक्स-शोरूम कीमत का फर्क Rs 9,000 का बनता है। लेकिन असली ऑन-रोड कीमत निकालते वक्त RTO, इंश्योरेंस और बाकी चार्जेस भी इसमें जुड़ते हैं। इसलिए स्कूटर खरीदने से पहले अपने शहर के डीलर से ताजा और आइटमवाइज कोटेशन जरूर ले लें। अब बात करते हैं EMI की। मान लीजिए ऑन-रोड बिल Rs 1,32,000 का बनता है, और उस पर 20% यानी Rs 26,400 डाउन पेमेंट कर दिया जाए, तो बाकी Rs 1,05,600 की रकम फाइनेंस करानी पड़ेगी। 12% सालाना ब्याज दर और 36 महीने की अवधि पर EMI करीब Rs 3,507 बैठता है। इस हिसाब से कुल EMI लगभग Rs 1,26,268 होगा, और ब्याज के तौर पर करीब Rs 20,668 चुकाने पड़ेंगे।
डाउन पेमेंट जितना ज्यादा करेंगे, महीने की EMI उतनी ही कम होती जाएगी। जैसे Rs 13,200 डाउन पेमेंट पर 36 महीने की EMI करीब Rs 3,946 बनती है, जबकि Rs 52,800 डाउन पेमेंट करने पर यही EMI घटकर करीब Rs 2,631 रह जाती है। लेकिन लंबी अवधि चुनने पर भले ही महीने का हप्ता कम लगे, कुल ब्याज बढ़ भी सकता है। इसलिए सिर्फ कम EMI देखकर फैसला न लें, बल्कि कुल कितना पैसा वापस चुकाना है, यह भी जरूर चेक करें।
पेट्रोल और मेंटेनेंस के खर्चे को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर महीने में करीब 900 km चलाना हो, स्कूटर की माइलेज 38 km/l हो और पेट्रोल का रेट Rs 100 प्रति लीटर मान लिया जाए, तो महीने का पेट्रोल खर्च करीब Rs 2,368 आएगा। EMI और पेट्रोल मिलाकर यह खर्च करीब Rs 5,876 तक पहुंच जाता है। इसमें इंश्योरेंस, सर्विसिंग, टायर, पार्किंग और बाकी मेंटेनेंस का खर्च शामिल नहीं है, वह अलग से जुड़ता है।
यानी TVS Ntorq 150 खरीदते वक्त सिर्फ शोरूम कीमत या EMI देखकर फैसला करना सही नहीं होगा। डाउन पेमेंट, ब्याज, पेट्रोल और नियमित मेंटेनेंस, इन सबको मिलाकर पूरा बजट बनाना ही समझदारी होगी।