मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
21:32 IST

तुर्की में LGBTQ+ कार्यकर्ताओं पर छापेमारी, कई शहरों में दर्जनों गिरफ्तार

तुर्की सरकार ने 'माय फैमिली इज सेफ' मुहिम के तहत LGBTQ+ संगठनों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की, इस्तांबुल और अंकारा में विरोध प्रदर्शन भी हुए।

तुर्की में LGBTQ+ कार्यकर्ताओं पर छापेमारी, कई शहरों में दर्जनों गिरफ्तार
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

दुनिया भर के कई देशों और समाजों में यह साफ दिखता है कि इंसानी हक की लड़ाई भले ही लंबे समय से चल रही हो, और उसमें धीरे-धीरे सुधार भी हो रहा हो, फिर भी समाज की सोच पूरी तरह से नहीं बदली है। तुर्की से आई ताजा खबर भी इसी की एक मिसाल है।

तुर्की में LGBTQ+ समुदाय और उनके हक के लिए काम करने वाले संगठनों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई है। देश के कई शहरों में पुलिस ने एक साथ छापे मारकर कार्यकर्ताओं, संगठनों से जुड़े लोगों और दूसरे संदिग्धों को हिरासत में लिया।

सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई परिवार, बच्चों और सार्वजनिक व्यवस्था की सुरक्षा के लिए की गई है। लेकिन इस कदम के बाद तुर्की में LGBTQ+ समुदाय और नागरिक आजादी को लेकर एक बार फिर जोरदार बहस छिड़ गई है।

इस्तांबुल, अंकारा, इझमीर, आयदिन और मेर्सिन जैसे कई शहरों में पुलिस ने LGBTQ+ संगठनों के दफ्तरों, कार्यकर्ताओं के घरों और कुछ और जगहों पर कार्रवाई की। तुर्की के न्याय मंत्रालय के मुताबिक इस जांच के दायरे में 162 संदिग्ध, 9 संगठन और 13 कारोबार आते हैं। इस कार्रवाई में दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया।

तुर्की सरकार ने इस पूरी मुहिम को 'माय फैमिली इज सेफ' नाम दिया है। सरकार के मुताबिक बच्चों की सुरक्षा, परिवार व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने अश्लील सामग्री, ड्रग्स, वेश्यावृत्ति और नाबालिगों पर कथित असर जैसे आरोपों की जांच का हवाला दिया है।

इस दौरान LGBTQ+ संगठनों से जुड़ी कुछ वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पाबंदी लगाई गई है। यानी यह कार्रवाई सिर्फ लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि संगठनों के कामकाज पर भी इसका असर पड़ा है।

पुलिस की इन छापेमारी और गिरफ्तारियों के खिलाफ इस्तांबुल और अंकारा में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। कोर्ट के बाहर और दूसरी जगहों पर हुए प्रदर्शनों में बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। इन प्रदर्शनों के दौरान भी पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।

LGBTQ+ अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने सरकार की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इससे संगठनों के काम करने की आजादी और कार्यकर्ताओं के अधिकारों पर असर पड़ सकता है। वहीं तुर्की सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई कानून के दायरे में है और परिवार व बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी थी।

इस पूरे मामले के बाद तुर्की में LGBTQ+ समुदाय के अधिकार, अभिव्यक्ति की आजादी और नागरिक संगठनों के कामकाज का मुद्दा फिर से अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया है। आगे की जांच और कोर्ट की कार्रवाई में इन आरोपों को लेकर और साफ तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे