टोयोटा की ग्लान्झा और इनोव्हा हायक्रॉस को मिलेगा नया फेसलिफ्ट, जानिए क्या बदलेगा
टोयोटा अपनी दो लोकप्रिय गाड़ियों ग्लान्झा और इनोव्हा हायक्रॉस के फेसलिफ्ट वर्जन जल्द लॉन्च करने की तैयारी में है।
टोयोटा भारतीय मार्केट में अपनी दो पॉपुलर कारों को अपडेट करने की तैयारी में जुटी है। कंपनी के दो अहम मॉडल्स, ग्लान्झा और इनोव्हा हायक्रॉस, को जल्द फेसलिफ्ट मिलने की उम्मीद है। ग्लान्झा फेसलिफ्ट अक्टूबर 2026 में आने की संभावना है, वहीं इनोव्हा हायक्रॉस का अपडेटेड मॉडल 2027 की शुरुआत में पेश किया जा सकता है।
पहले बात ग्लान्झा फेसलिफ्ट की। टोयोटा ग्लान्झा एक प्रीमियम हैचबैक है जो मारुती सुझुकी बलेनो के साथ प्लेटफॉर्म और कई मैकेनिकल पार्ट्स शेयर करती है। नई ग्लान्झा 14 अक्टूबर 2026 को पेश होने की संभावना है। इस अपडेट में कार के डिजाइन के साथ-साथ इंजिन और फीचर्स में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक नया 1.2-लीटर 3-सिलिंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन मौजूदा 4-सिलिंडर इंजन की जगह ले सकता है। इसके अलावा फ्रंट ग्रिल और बंपर में भी बदलाव किए जा सकते हैं। इसके साथ ही एडीएएस, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स और वायरलेस फोन चार्जर जैसे फीचर्स भी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ग्लान्झा फेसलिफ्ट आने के बाद इसकी कीमत में भी बदलाव हो सकता है। मारुती सुझुकी बलेनो, हुंडई आई20 और टाटा अल्ट्रोज से मुकाबला करने वाली इस कार को नए फीचर्स के जरिए ग्राहकों के लिए और आकर्षक बनाने की कोशिश कंपनी कर सकती है।
अब बात इनोव्हा हायक्रॉस फेसलिफ्ट की। इसकी एंट्री 2027 की शुरुआत में होने की संभावना जताई जा रही है। भारत में इस मॉडल की टेस्टिंग के दौरान कुछ टेस्ट म्यूल्स देखे जा चुके हैं। साथ ही पेटेंट फाइलिंग से भी आने वाले डिजाइन से जुड़े कुछ संकेत सामने आए हैं।
नई हायक्रॉस में फ्रंट प्रोफाइल पर बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है। बड़ी ग्रिल, स्लिम हेडलैंप्स, अपडेटेड लाइटिंग और नया बंपर मिलने से कार का लुक और मॉडर्न हो सकता है। टोयोटा के नए मॉडल्स से इस डिजाइन को प्रेरणा मिलने की संभावना है।
सिर्फ बाहरी डिजाइन ही नहीं, केबिन में भी अपडेट्स मिल सकते हैं। डैशबोर्ड, सीट अपहोल्स्ट्री और इन्फोटेनमेंट सिस्टम में सुधार होने की उम्मीद है। कार की 3-रो सीटिंग और स्पेशियस केबिन बरकरार रहने की उम्मीद है। पेट्रोल और स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पावरट्रेन में बड़ा बदलाव किए बिना कंपनी का ज्यादा फोकस डिजाइन, फीचर्स और इंटीरियर पर रह सकता है।