मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:59 IST

भुसावळ MIDC की केमिकल फैक्ट्री में लगी आग, 108 टीम की फुर्ती से बड़ा हादसा टला

भुसावळ MIDC इलाके में केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से हड़कंप, 108 इमरजेंसी टीम मौके पर पहुंची

भुसावळ MIDC की केमिकल फैक्ट्री में लगी आग, 108 टीम की फुर्ती से बड़ा हादसा टला
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

भुसावळ के MIDC इलाके में एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक आग लग गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। फैक्ट्री में रसायनों का स्टॉक होने की वजह से आग और ज्यादा खतरनाक साबित होने का डर था। इस आपात हालात में यावल के साथ-साथ जळगाव जिले की 108 इमरजेंसी मेडिकल सर्विस की टीमें फौरन घटनास्थल की तरफ रवाना हो गईं। समय रहते एम्बुलेंस तैनात किए जाने से कोई बड़ा हादसा होने से बच गया, ऐसी जानकारी सामने आई है।

फैक्ट्री में आग लगने की खबर मिलते ही 108 सेवा की टीम को तुरंत अलर्ट कर दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए यावल और आसपास के इलाके से एम्बुलेंस घटनास्थल पर भेज दी गईं। आग वाली जगह पर धुएं के गुबार और रसायनों का खतरा होने की वजह से किसी भी वक्त मेडिकल इमरजेंसी बन सकती थी। इसी वजह से अगर कोई घायल होता तो उसे फौरन इलाज मिल सके, इसके लिए 108 की टीम पूरी तरह तैयार खड़ी थी।

केमिकल फैक्ट्री की आग को आम आग से कहीं ज्यादा खतरनाक माना जाता है। अगर आग रसायनों की चपेट में आ जाए तो हालात और बिगड़ सकते हैं। इसी वजह से मौके पर मौजूद इमरजेंसी टीमों के सामने भी बड़ी चुनौती थी। ऐसे मुश्किल हालात में 108 एम्बुलेंस सेवा और मेडिकल टीम ने जरूरी सावधानी बरतते हुए अपनी सेवा दी। इमरजेंसी की इस घड़ी में एम्बुलेंस का तैनात रहना मेडिकल मदद फौरन मुहैया कराने के लिहाज से बेहद अहम साबित हुआ।

इस पूरी घटना के दौरान 108 एम्बुलेंस के ड्राइवर मनोज भोईटे और डॉ. इरफान खान की फुर्ती की खूब तारीफ हो रही है। घटनास्थल पर धुएं के गुबार और रसायनों का खतरा होने के बावजूद इन दोनों ने हालात पर नजर रखते हुए अपनी ड्यूटी निभाई। बताया जा रहा है कि मनोज भोईटे और डॉ. इरफान खान ने अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए यह काम किया।

फैक्ट्री में आग लगने के बाद शुरुआत में हालात गंभीर बन गए थे। आग से हो सकने वाले खतरे को देखते हुए इलाके में मेडिकल इमरजेंसी सिस्टम पहले से तैयार रखा गया था। इसी बीच यावल और जळगाव जिले से 108 एम्बुलेंस का वक्त पर पहुंचना काफी अहम रहा। घटना के दौरान जरूरत पड़ने पर घायलों को फौरन मेडिकल मदद मिल सके, इसके लिए टीम पूरी तरह तैयार थी। इस वजह से अगर कोई बड़ी दुर्घटना होती तो उससे निपटने के लिए जरूरी प्राथमिक मेडिकल व्यवस्था घटनास्थल पर मौजूद थी।

इमरजेंसी के वक्त एक कॉल पर घटनास्थल पर पहुंचना, जरूरतमंद मरीजों को सुरक्षित तरीके से मेडिकल मदद देना और जरूरत के हिसाब से आगे के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था करना, यही 108 सेवा का अहम काम है। भुसावळ MIDC की इस आग की घटना में भी 108 सेवा की टीम ने जो फुर्ती दिखाई, उसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। खासकर इतने खतरनाक माहौल में ड्राइवर मनोज भोईटे और डॉ. इरफान खान ने जो ड्यूटी निभाई, उससे इमरजेंसी मेडिकल सेवा की अहमियत एक बार फिर सामने आई है। इस घटना के बाद फिर से यह साबित हुआ कि इमरजेंसी के वक्त एम्बुलेंस सेवा कितनी जरूरी होती है। जिले में 108 सेवा की फुर्ती की हर तरफ से तारीफ की जा रही है।

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