ठाकरे बंधुओं के मोर्चे से पहले चित्रा वाघ बोलीं, विरोधी पहले खुद का आत्मपरीक्षण करें
भाजपा विधायक चित्रा वाघ ने 4 अक्टूबर के प्रस्तावित मोर्चे पर विपक्ष को घेरा और महायुती के नेताओं में तालमेल का दावा किया।
चुनाव आयोग के खिलाफ 4 अक्टूबर को मुंबई में मोर्चा निकलने वाला है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसकी जानकारी दी थी। अब इस पर राजनीतिक हलकों से प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। भाजपा विधायक चित्रा वाघ ने इस पर तीखी टिप्पणी की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर माहौल पहले से गरम है। इसी बीच चित्रा वाघ ने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के प्रस्तावित मोर्चे पर टिप्पणी की। उनका कहना था कि मोर्चे निकालने से पहले विपक्ष को आत्मपरीक्षण करना चाहिए।
चित्रा वाघ ने कहा कि संविधान ने हर किसी को अपनी आवाज उठाने का हक दिया है। लेकिन आंदोलन या मोर्चा निकालने से पहले अपने काम और अपनी भूमिका को भी परखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने मराठी आदमी को धोखा देकर उसे मंगलसूत्र गिरवी रखने की नौबत तक पहुंचाया, वही अब मोर्चे निकाल रहे हैं।
चित्रा वाघ ने दावा किया कि महाविकास आघाडी के दौर में किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मौजूदा महायुती सरकार किसानों के सवालों पर काम कर रही है। उनके मुताबिक विपक्ष की तरफ से सिर्फ जनता को गुमराह किया जा रहा है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर विपक्ष की आलोचना के बारे में भी उन्होंने अपनी बात रखी। चित्रा वाघ ने कहा कि कांग्रेस जीते तो आयोग अच्छा और भाजपा जीते तो आयोग खराब, ऐसा रुख अपनाना ठीक नहीं है। उनका कहना था कि सिर्फ सामने वाले की गलतियां दिखाने के बजाय अपनी कमियों को जांचने की जरूरत है।
इस बीच, राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने 4 अक्टूबर को मुंबई में संयुक्त मोर्चे का ऐलान किया है। जानकारी के मुताबिक यह मोर्चा भायखला से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस इलाके तक निकाला जाएगा।
चित्रा वाघ ने महायुती के अंदरूनी मतभेदों के बारे में भी बात की। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के बीच अच्छा तालमेल और संवाद है। उन्होंने कहा कि जब वरिष्ठ नेता साथ मिलकर काम कर रहे हैं, तो दूसरों की आलोचना को ज्यादा अहमियत देने की जरूरत नहीं है।