मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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20:27 IST

तमिलनाडु में सरकारी स्कूलों को चिकन बिरयानी देने की योजना, पहले पायलट प्रोजेक्ट

तमिलनाडु सरकार सरकारी स्कूलों के पोषण आहार में हफ्ते में एक बार चिकन बिरयानी देने पर विचार कर रही है, शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट से होगी।

तमिलनाडु में सरकारी स्कूलों को चिकन बिरयानी देने की योजना, पहले पायलट प्रोजेक्ट
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार में चिकन बिरयानी शामिल करने का प्रस्ताव एक बार फिर चर्चा में है। सरकार की योजना है कि स्कूली बच्चों को हफ्ते में एक बार चिकन बिरयानी दी जाए, लेकिन इसे सीधे पूरे राज्य में लागू करने की बजाय पहले एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आजमाया जाएगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने इस प्रस्ताव के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसमें सफाई और खाने की सुरक्षा को सबसे ज्यादा तरजीह दी जाएगी। बड़ी तादाद में बच्चों के लिए चिकन बिरयानी बनाना, उसे सुरक्षित तरीके से स्कूलों तक पहुंचाना और खाने की क्वालिटी बनाए रखना, इन सबके लिए जो इंतजाम चाहिए, उसकी जांच पायलट प्रोजेक्ट में की जाएगी। उसके बाद ही इसे बड़े पैमाने पर लागू करने का फैसला लिया जाएगा।

राजमोहन ने इस योजना का समर्थन करते हुए एक दिलचस्प सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब पुझल जेल में बंद कैदियों को चिकन बिरयानी दी जाती है, तो स्कूली बच्चों को यह क्यों नहीं मिल सकती। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी चाहते हैं कि बच्चों को यह विकल्प दिया जाए।

यह प्रस्ताव नया नहीं है। जुलाई 2026 में ही सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील में हफ्ते में एक बार चिकन बिरयानी शामिल करने का प्रस्ताव सामने आया था। उस वक्त राजमोहन ने बताया था कि यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेज दिया गया है और आखिरी फैसला मुख्यमंत्री ही लेंगे।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने यह मुद्दा भी उठाया कि बढ़ती उम्र के बच्चों को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु के स्कूली पोषण कार्यक्रम में समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं और इसी वजह से अब मांसाहारी विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

अगर यह प्रस्ताव आगे लागू हो जाता है, तो चिकन बिरयानी सभी बच्चों के लिए जरूरी नहीं होगी। शाकाहारी खाना खाने वाले बच्चों को पहले की तरह शाकाहारी भोजन का विकल्प मिलता रहेगा, जबकि मांसाहारी खाना खाने वाले बच्चों को चिकन बिरयानी का विकल्प दिया जा सकता है।

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