तळेगांव गैस रिसाव हादसा: शेफलर इंडिया के CEO हर्षा कदम को पुलिस ने हिरासत में लिया
तलेगांव के कारखाने में 9 जून को CO2 गैस रिसाव से दो मज़दूरों की मौत हुई थी। इसी की जांच में पुलिस ने कंपनी के सीईओ को हिरासत में लिया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे जिले के तलेगांव में शेफलर इंडिया के कारखाने में जून में हुए हादसे की जांच के सिलसिले में पुलिस ने कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्षा गोपाल कदम को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ चल रही है। इस हादसे में ठेके के दो मजदूरों की जान गई थी। इस कार्रवाई के बाद कारखानों में सुरक्षा और नियमों के पालन का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
हादसा 9 जून 2026 को तलेगांव के शेफलर इंडिया के प्रोडक्शन प्लांट में हुआ। कारखाने में आग बुझाने वाले सिस्टम के कार्बन डायऑक्साइड (CO₂) गैस सिलेंडर बदलने का तय काम चल रहा था। तभी अचानक गैस बाहर निकल आई और दो मजदूरों की मौत हो गई। ये मजदूर कंपनी के सर्विस प्रोवाइडर के जरिए काम कर रहे थे। खबर है कि इस घटना में कुछ और लोग भी प्रभावित हुए।
कंपनी ने 20 अक्टूबर को शेयर मार्केट को जो जानकारी दी, उसके मुताबिक कदम को 19 अक्टूबर को तलेगांव एमआईडीसी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। कंपनी के बयान में कहा गया है कि कारखाने के कानूनी 'ऑक्युपायर' के तौर पर उनकी भूमिका जांच के दायरे में लाई गई है। हिरासत का मतलब यह नहीं कि दोष साबित हो गया। आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच से ही जिम्मेदारी साफ होगी।
हादसे के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। खबर है कि कारखाने के वेंटिलेशन सिस्टम, इमरजेंसी में बाहर निकलने के रास्तों, ट्रेंड स्टाफ की मौजूदगी और बचाव की तैयारी को लेकर सवाल उठे हैं। जांच इस बात की भी हो रही है कि काम की जगह पर जरूरी सुरक्षा नियम माने गए थे या नहीं, और हादसे के बाद मदद पहुंचाने में देर हुई या नहीं। ये जांच के दौरान उठे आरोप और सवाल हैं। इनके आधार पर किसी की कानूनी जिम्मेदारी आखिरकार साबित हुई नहीं मानी जा सकती।
कंपनी का कहना है कि उसके अधिकारी और कर्मचारी जांच में सहयोग कर रहे हैं। घटनाक्रम की समीक्षा कानूनी सलाहकारों की मदद से की जा रही है और लागू कानून के हिसाब से जरूरी कदम उठाए जाएंगे। कंपनी के मुताबिक सीनियर मैनेजमेंट रोजमर्रा का कामकाज संभाल रहा है, और प्रोडक्शन व बाकी कारोबार पहले की तरह चल रहे हैं।
शेफलर जर्मनी की ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी की बड़ी कंपनी है। वह गाड़ियों के लिए बेयरिंग, क्लच सिस्टम, ट्रांसमिशन से जुड़े पार्ट्स, इंजन और चेसिस के जरूरी पार्ट्स और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए ड्राइवट्रेन सॉल्यूशन बनाती है। भारत में शेफलर इंडिया के 5 प्रोडक्शन सेंटर हैं। पुणे के पास के तलेगांव प्लांट में इंजन और ट्रांसमिशन के पार्ट्स, चेन ड्राइव सिस्टम, वाल्व ट्रेन के पार्ट्स और नीडल रोलर बेयरिंग बनते हैं। अब नजर इस पर है कि जांच एजेंसी क्या नतीजे निकालती है और कारखाने की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या सामने आता है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।