टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: तीन संदिग्ध शूटरों को 10 दिन की पुलिस कस्टडी
मुंबई के जुहू में टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग के मामले में कोटा से पकड़े गए तीन संदिग्ध शूटरों को 10 दिन की पुलिस कस्टडी मिली है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मुंबई के जुहू में बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। राजस्थान के कोटा से पकड़े गए तीन संदिग्ध शूटरों को कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। साथ ही हथियार सप्लाई करने वाले कथित नेटवर्क का पता लगाने के लिए मुंबई, दिल्ली और हरियाणा में भी पुलिस की कार्रवाई चल रही है।
यह फायरिंग 18 अक्टूबर को हुई थी। तीनों संदिग्ध शूटरों में से दो की पहचान रेहान और ऋतिक उर्फ रोशन के नाम से बताई गई है। तीसरा आरोपी नाबालिग है। आरोप है कि गोलीबारी के बाद ये लोग ट्रेन से नेपाल की तरफ भागने की कोशिश में थे। लेकिन राजस्थान पुलिस ने कोटा में कार्रवाई करके इन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिर उन्हें मुंबई लाया गया, जहां कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस कस्टडी दी।
कस्टडी के दौरान इस बात की जांच होने की उम्मीद है कि फायरिंग के पीछे मकसद क्या था, आरोपियों को हथियार किसने दिए और इस वारदात में कोई और भी शामिल है या नहीं।
जांच सिर्फ गोली चलाने वालों तक सीमित नहीं है। हथियारों की सप्लाई और उसके पीछे की पूरी चेन की भी पूछताछ हो रही है। हरियाणा के सोनीपत के कुणाल और सुमित के साथ राधा और बबीता नाम की दो महिलाओं को भी इस मामले से जुड़ी कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि कुणाल और सुमित पंजाब से पिस्तौल और कारतूस लाए थे। इसके बाद आरोप के मुताबिक ये हथियार महिलाओं के जरिए ट्रेन से मुंबई में बैठे संदिग्ध शूटरों तक पहुंचाए गए।
इसके अलावा सोनीपत के ही अंकित नाम के एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी भी है। उस पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित से संबंध होने का आरोप है। इन सभी की असल भूमिका क्या थी, यह जांच से साफ होगा।
घटना 18 अक्टूबर की शाम करीब 7.30 बजे की है। टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गाड़ी फुटबॉल मैच में हिस्सा लेकर लौट रही थी, तभी उसकी तरफ करीब पांच गोलियां चलाए जाने का आरोप है। इसमें टाइगर श्रॉफ के ड्राइवर फिरदौस के हाथ में गोली लगी और एक फैन भी घायल हुआ। बताया गया है कि दोनों की हालत अभी स्थिर है।
वारदात के बाद मुंबई की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई। फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जाने वाले अनिल पंडित ने लेने का दावा किया गया है। हालांकि इस दावे और संबंधित लोगों की भूमिका की आधिकारिक जांच से पुष्टि होना जरूरी है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा जताया है कि मुंबई में क्रिमिनल गैंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस संदिग्धों को गिरफ्तार करके कथित हथियार सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश में लगी है।
तीनों संदिग्ध शूटरों को 10 दिन की पुलिस कस्टडी मिलने के बाद अब नजर इस पर है कि और किसके नाम सामने आते हैं, हथियार कैसे पहुंचाए गए और फायरिंग का असली मकसद क्या था।
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