टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग: एक हमलावर की ज़िगाना पिस्तौल लॉक होने का दावा
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में दावा है कि एक हमलावर की तुर्की में बनी ज़िगाना पिस्तौल लॉक हो गई थी।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में अब एक अहम जानकारी सामने आई है। घटना को करीब एक हफ्ता होने को है और जांच के दौरान नई-नई बातें खुल रही हैं। बताया गया है कि फायरिंग के वक्त दो बंदूकधारी हमलावर टाइगर की गाड़ी की तरफ खड़े थे।
जानकारी के मुताबिक एक हमलावर के पास देसी पिस्तौल थी, जबकि दूसरे के पास तुर्की में बनी ज़िगाना पिस्तौल थी। इस फायरिंग में टाइगर की जान कैसे बची, इसका भी एक अहम ब्योरा सामने आया है।
बताया जा रहा है कि टाइगर श्रॉफ जुहू के पुष्पा नर्सिंग पार्क इलाके में फुटबॉल खेलने गए थे। खेल खत्म होने के बाद जब वे मैदान से बाहर निकल रहे थे, तब दो हमलावर और उनके साथ एक बाइक सवार वहां घात लगाकर बैठे थे।
टाइगर के मैदान से बाहर आते ही दोनों हमलावरों ने बंदूकें निकालीं और उनकी गाड़ी की तरफ गोलियां चलाने लगे। इससे इलाके में हड़कंप मच गया। टाइगर गाड़ी में ड्राइवर की बगल वाली सीट पर बैठे थे। इसलिए उस तरफ गोली चलाने वाले हमलावर की बंदूक बहुत अहम साबित हुई।
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक गाड़ी के बोनेट के सामने खड़े हमलावर के पास देसी पिस्तौल थी। वहीं, टाइगर जिस तरफ बैठे थे उस तरफ फायरिंग करने वाले दूसरे हमलावर के पास तुर्की में बनी ज़िगाना पिस्तौल थी।
बताया गया है कि जब दोनों ने फायरिंग शुरू की, तो देसी पिस्तौल से लगातार गोलियां चलीं। लेकिन ज़िगाना पिस्तौल वाले हमलावर की बंदूक लॉक हो गई, जिससे वह उम्मीद के मुताबिक फायर नहीं कर पाया, ऐसा दावा किया जा रहा है।
इसी तकनीकी दिक्कत की वजह से टाइगर श्रॉफ बड़े खतरे से बच गए, ऐसी चर्चा है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। बंदूक में खराबी की सही वजह भी जांच से साफ होनी चाहिए।
जांच के दौरान पुलिस को मौके से 2 ज़िंदा कारतूस मिलने की जानकारी है। कहा जा रहा है कि ये कारतूस ज़िगाना पिस्तौल से जुड़े हैं। यह भी बताया गया है कि दोनों पिस्तौलें गुजरात से जब्त की गई हैं।
अब जब्त किए गए हथियारों की फॉरेंसिक जांच होगी। इससे पता चल सकेगा कि पिस्तौलें कितनी चालू हालत में थीं, उनमें कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं, और मौके पर इस्तेमाल हुए हथियारों का फायरिंग से ठीक-ठीक क्या संबंध है।
इस मामले में कई सवाल उठ रहे हैं: हमलावरों का मकसद क्या था, उन्होंने हमले की प्लानिंग कैसे की और क्या इसके पीछे किसी और का हाथ था। उम्मीद है कि पुलिस की जांच से इन सवालों के जवाब मिलेंगे।
कुल मिलाकर, ज़िगाना पिस्तौल के लॉक होने का दावा चर्चा में है, लेकिन इस बारे में आखिरी नतीजे फॉरेंसिक और आधिकारिक जांच से ही साफ होंगे। इसलिए सबकी नजर अब इस मामले के अगले अपडेट पर टिकी है।
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