सोनोरी में २० लाख खर्च फिर भी सड़क पर खड्डे, इंजीनियर पर कार्रवाई की मांग
सासवड के सोनोरी गांव में सड़क बनाने पर लाखों खर्च हुए, लेकिन खड्डे जस के तस हैं। ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार इंजीनियर पर कार्रवाई की मांग की है।
सासवड के सोनोरी गांव में विकास कामों के नाम पर करोड़ों खर्च होने की बात राजनीतिक मंच से बताई जाती रही है, मगर हकीकत में इन कामों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करके अत्यंत घटिया दर्जे का काम कराया जा रहा है। कुछ समय पहले ही यह सामने आया था कि स्कूल की दो क्लासरूम बनाने और दुरुस्ती के नाम पर पूरे एक करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। अब मामला सामने आया है कि केवल २०० मीटर सड़क के काम पर २० लाख रुपये खर्च करने के बावजूद सड़क पर खड्डे वैसे के वैसे बने हुए हैं। इससे गांव के लोगों में गुस्सा है।
सासवड-सोनोरी रोड के काम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है, ऐसा स्थानीय लोगों का कहना है। ग्रामीणों ने मांग की है कि काम का दर्जा जांचे बिना ही पैसे निकालने वाले इंजीनियर पर तुरंत कार्रवाई की जाए। सासवड-सोनोरी रोड पर ३ मीटर चौड़ाई और २०० मीटर लंबाई की सीमेंट कॉन्क्रीट सड़क बनाने के लिए कुल २० लाख रुपये आए थे। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ठेकेदार ने बांधकाम विभाग के इंजीनियर से मिलीभगत करके बिना काम किए ही पैसे निकाल लिए।
स्कूल और सड़क, दोनों कामों का ठेकेदार गांव का ही निकला। स्कूल का काम मूल ठेकेदार सुधीर कातोरे ने लिया था, जिसने असल निर्माण गांव के ही पोट-ठेकेदार नितीन काळे से करवाया। इसी तरह सड़क का काम शिवरी के ठेकेदार किरण कामथे को मिला था, लेकिन उन्होंने भी खुद काम न करके वही पुराना पोट-ठेकेदार नितीन काळे को काम दे दिया। पंचायत समिति के बांधकाम उप-इंजीनियर संतोष नलावडे ने बताया कि ३ मीटर चौड़ाई और २०० मीटर लंबाई के इस काम के लिए २० लाख रुपये मिले थे। खास बात यह है कि ग्रामीणों के मुताबिक काम का दर्जा जांचे बिना पैसे ट्रांसफर करके कमीशन में मलाई खाने वाले यही इंजीनियर नलावडे हैं। आरपीआई (आठवले गुट) के तालुका अध्यक्ष बळीराम सोनवणे ने इंजीनियर नलावडे की विभागीय जांच कराने की मांग की है।
जिला नियोजन से पंचायत समिति के जरिए इस २०० मीटर सड़क के लिए २० लाख रुपये मंजूर हुए थे। पंचायत समिति के बांधकाम उप-इंजीनियर संतोष नलावडे ने बताया कि अभी सड़क की साइड पट्टियां भरना बाकी है और कुछ काम अधूरा है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी झूठ बोल रहे हैं और उन्होंने पूरा बिल निकाल लिया है। इसी वजह से आरपीआई (आठवले गुट) के तालुका अध्यक्ष बळीराम सोनवणे ने संतोष नलावडे की विभागीय जांच कराकर उन पर फौजदारी मामला दर्ज करने की मांग की है।