मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:21 IST

शिवाजी पार्क में आज CJP का जेल भरो आंदोलन, पुलिस ने इजाज़त नहीं दी

मुंबई पुलिस ने आंदोलन की इजाज़त देने से मना किया है, जबकि 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है।

शिवाजी पार्क में आज CJP का जेल भरो आंदोलन, पुलिस ने इजाज़त नहीं दी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर यानी आज से जेल भरो आंदोलन करने की घोषणा की है। मुंबई पुलिस ने इस आंदोलन की इजाज़त देने से मना कर दिया है। इसके बावजूद सीजेपी ने कहा है कि वह आंदोलन करेगी। इसी वजह से शिवाजी पार्क इलाके में पुलिस का भारी बंदोबस्त तैनात किया गया है।

पुलिस ने इजाज़त न देने की वजहें बताई हैं। पुलिस के मुताबिक उच्च न्यायालय के 2013 के आदेश से यह इलाका सायलेंस ज़ोन है। इसके अलावा सुरक्षा का सवाल है और ट्रैफिक जाम तथा ध्वनि प्रदूषण का खतरा भी है।

पुलिस ने यह भी कहा है कि मुंबई उच्च न्यायालय के 2013 के आदेश के तहत शिवाजी पार्क को सायलेंस ज़ोन घोषित किया गया है। दादर और शिवाजी पार्क शहर का बीच का हिस्सा है। इसलिए पुलिस ने आशंका जताई है कि आंदोलन से यहां भारी ट्रैफिक जाम हो सकता है और शोर से स्थानीय रहिवासियों को बेवजह परेशानी हो सकती है।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस के इस फैसले को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि आंदोलन तय समय पर ही होगा। दीपके ने चेतावनी दी, "कोर्ट के आदेश या पुलिस के ज़ोर से हमारी आवाज़ दबाई नहीं जा सकती।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुलिस ने रोका तो सारे कार्यकर्ता और पदाधिकारी शिवाजी पार्क इलाके में ही जेल भरो आंदोलन करेंगे।

उधर, कोई अनहोनी न हो, इसके लिए मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क मैदान के सभी गेटों और मुख्य सड़कों पर सख्त नाकाबंदी लगा दी है। आंदोलन करने वालों को मैदान में घुसने से रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं।

पुलिस की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है, "शिवाजी पार्क कोर्ट के आदेश के मुताबिक सायलेंस ज़ोन है। इजाज़त न होने पर अगर कानून व्यवस्था का सवाल खड़ा किया गया तो आंदोलन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

इस विवाद के बीच वसई की वकीलों की संस्था (Vasai Lawyers Association) ने आंदोलन करने वालों को कानूनी समर्थन देने का ऐलान किया है। संस्था ने कहा है कि अगर कार्यकर्ताओं पर मामले दर्ज हुए तो वह अदालत में मुफ्त वकालतनामा लेगी। इस घोषणा के बाद मुंबई और वसई इलाके का राजनीतिक और सामाजिक माहौल काफी गरमा गया है।

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