परिणय फुके का आरोप: सीजेपी के शिवाजी पार्क आंदोलन के पीछे विदेशी फंडिंग और नक्सली
भाजपा विधायक परिणय फुके ने कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन पर विदेशी फंडिंग और नक्सली कनेक्शन का आरोप लगाया है।
भाजपा विधायक परिणय फुके ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। फुके का कहना है कि पिछले कुछ सालों में जंगलों में घुसकर नक्सलियों को मारा गया। जो नक्सली बच गए और छिपे रहे, वही अब सीजेपी के आंदोलन के पीछे रहकर अराजकता फैलाना चाहते हैं। यह फुके का आरोप है।
मामला मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क का है। आज यानी 2 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी ने यहां 'जेल भरो' आंदोलन का ऐलान किया है। मुंबई पुलिस ने इस आंदोलन की इजाजत देने से मना कर दिया है। इसी को लेकर राज्य की राजनीति गरम है और आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। आंदोलन की पृष्ठभूमि में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुद्दा है, जिन्हें पद से हटाने के लिए विपक्षी पार्टियों ने कमर कस ली है।
फुके ने कहा कि केंद्र और राज्य की एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं, इसलिए इस पर ज्यादा बोलना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक सरकार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन लेफ्ट संगठनों और शहरी नक्सलियों के समर्थन से चल रहा है। फुके ने नौजवानों को सलाह दी कि वे वक्त रहते सावधान हो जाएं और किसी के भड़काने पर देशविरोधी काम न करें, वरना उनका भविष्य खराब हो सकता है।
फुके ने कहा कि आंदोलन करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन उसका मकसद क्या है और पीछे कोई साजिश तो नहीं, यह देश को पता होना चाहिए। उनके मुताबिक पिछला सीजेपी आंदोलन विद्यार्थियों के लिए था, पर अब उनका राजनीतिक एजेंडा दिख रहा है। फुके का आरोप है कि सीजेपी इस आंदोलन से देश में अराजकता फैलाना चाहती है और इसके पीछे विदेशी फंडिंग है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश जैसे हालात बनाने की कोशिश हो रही है। उनका कहना है कि इस मामले की जांच जरूर होनी चाहिए और उन्हें उम्मीद है कि केंद्र और राज्य सरकार जांच करेंगी।
अभिजित दिपके के बारे में फुके ने कहा कि वे मनोज जरांगे की नकल करने की कोशिश कर रहे हैं। फुके के मुताबिक शिवाजी पार्क पर कुछ तय राजनीतिक कार्यक्रमों को ही इजाजत मिलती है, जबकि जरांगे बार-बार मुंबई आकर आंदोलन की बात करते थे। फुके ने दिपके पर भाजपा विरोधी एजेंडे का आरोप लगाया और कहा कि वे सिर्फ भाजपा शासित राज्यों में आंदोलन करते हैं, पंजाब और झारखंड में कुछ नहीं करते। फुके ने उन्हें आप का कार्यकर्ता बताया और कहा कि अमेरिका जाकर वे कौन सी फंडिंग और कौन सा मंत्र लेकर आए, यह पता नहीं।
फुके ने यह भी कहा कि सीजेपी शुरू में कहती थी कि उनका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है, लेकिन अब उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा जाग गई है। उनके मुताबिक उन्हें खुलकर राजनीतिक पार्टी बन जाना चाहिए। फुके ने बताया कि दिपके कहते हैं कि SIR में मतदार सूची से बाहर किए गए 13 करोड़ मतदाताओं के नाम फिर जोड़े जाएं। फुके का सवाल था कि जब SIR प्रक्रिया चल रही थी तब वे कहां थे। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक अखबार में झूठी जानकारी छपने के आधार पर आंदोलन करना ठीक नहीं है।
रोहित पवार पर भी फुके ने निशाना साधा। उनका आरोप है कि रोहित पवार ने हर तालुका में घूमकर गुंडे तैयार किए हैं और उनके खिलाफ कोई बोले तो ये गुंडे आवाज दबाते हैं। फुके के मुताबिक कल पत्रकारों पर इन्हीं गुंडों ने हमला किया और सबने इसकी निंदा की। अब रोहित पवार इन गुंडों को एबीवीपी (ABVP) से जोड़ रहे हैं।
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