शादी के बाद भी गर्भधारण नहीं हो रहा? डॉक्टर शाहीन खान ने गिनाईं पांच वजहें
महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शाहीन खान ने महिलाओं में गर्भधारण न होने की मुख्य वजहें बताईं।
शादी के कुछ साल बाद घर में बच्चे की किलकारी गूंजे, यह उम्मीद बड़ों से लेकर छोटों तक हर किसी को रहती है। बच्चा पैदा करना या न करना पूरी तरह पति-पत्नी का अपना फैसला है। लेकिन कुछ जोड़ों में बच्चा चाहने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो पाता। आजकल कई जोड़ों को इसके लिए इलाज कराना पड़ रहा है।
महिलाओं को गर्भधारण क्यों नहीं होता, इसकी सही वजहें क्या हैं, इस बारे में महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शाहीन खान ने जानकारी दी है। डॉक्टर के मुताबिक पीसीओडी, थायरॉइड, ओवरी में सिस्ट, फाइब्रॉइड, बढ़ता वजन और बिगड़ी हुई जीवनशैली सबसे मुख्य समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में सही डॉक्टर से सलाह लेना और उसी के हिसाब से जांच और इलाज कराना जरूरी है।
डॉक्टर शाहीन ने बताया कि कम उम्र में फास्ट फूड और जंक फूड ज्यादा खाने और शारीरिक हलचल की कमी से सेहत की दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। जंक फूड और तेलीय चीजें खाने से भी सेहत पर असर पड़ सकता है। जिन महिलाओं को अंडाशय की समस्या होती है, जैसे सिस्ट या फाइब्रॉइड, उन्हें गर्भधारण में मुश्किल आ सकती है।
डॉक्टर के अनुसार अगर ओवरी के सिस्ट बढ़ने लगें तो हार्मोन की समस्या शुरू हो सकती है और गर्भधारण में अड़चन आती है। हार्मोन की समस्या, पीसीओडी या थायरॉइड जैसी दिक्कत होने पर महिलाओं को सबसे पहले जांच करा लेनी चाहिए। इसका गर्भाशय पर कोई असर पड़ रहा है या नहीं, यह जल्द से जल्द जांच कराकर देखना चाहिए और उसके हिसाब से डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, ताकि जल्दी इलाज शुरू हो और गर्भधारण में मदद मिल सके।
डॉक्टर ने यह भी समझाया कि महिलाओं की उम्र बढ़ने के साथ उनमें स्त्रीबीज बनने की प्रक्रिया और प्रजनन क्षमता बदल सकती है, जिससे गर्भधारण में परेशानी आ सकती है। इसलिए महिलाएं प्रजनन सेहत से जुड़ी दिक्कतों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़े तो वक्त पर डॉक्टरी सलाह लें। उनके मुताबिक ज्यादा वजन और मोटापे से भी हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है। महिलाओं की सेहत के लिए वजन काबू में रखना और सेहतमंद जीवनशैली अपनाना जरूरी है।
डॉक्टर शाहीन खान के अनुसार अगर किसी महिला को गर्भधारण में दिक्कत आ रही है तो पहला कदम जरूरी जांचें कराना है। जांच के बाद समस्या की जड़ पता चल सकती है और उसी के मुताबिक इलाज हो सकता है। इसके अलावा खानपान और जीवनशैली पर ध्यान देना भी अहम है। डॉक्टर की राय में कई मामलों में वक्त पर जांच और इलाज कराने से गर्भधारण की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए गर्भधारण में परेशानी हो तो सबसे पहले यह देख लेना चाहिए कि ये पांच समस्याएं तो नहीं हैं।