सातारा: लिंब उड्डाणपुल पर सुरक्षा उपायों की कमी, चढ़ाव-उतार वाले रास्ते पर हादसे का डर
पुणे-बेंगळुरू हाईवे पर लिंब गांव के पास बने उड्डाणपुल पर रिफ्लेक्टर, दिशा-सूचक बोर्ड और रात में लाइट न होने से वाहन चालकों की जान खतरे में है।
पुणे-बेंगळुरू हाईवे पर लिंब गांव की हद में बने उड्डाणपुल का चढ़ाव-उतार वाला हिस्सा इन दिनों वाहन चालकों के लिए खतरा बन गया है। इस रास्ते पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा रहता है, इसलिए यहां सुरक्षा के इंतजाम करना जरूरी हो गया है। रिफ्लेक्टर, दिशा बताने वाले बोर्ड और ठीक-ठाक लाइट न होने की वजह से खासकर रात के वक्त गाड़ी चलाने वालों को दिक्कत होती है।
कुछ दिन पहले हुए एक हादसे में प्रशांत बाबासो फरांदे की मौत हो गई, जिसके बाद इस रास्ते की सुरक्षा का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है।
उड्डाणपुल पर चढ़ते और उतरते वक्त गाड़ियों की स्पीड का अंदाजा लगाना अक्सर मुश्किल हो जाता है। पुणे-बेंगळुरू हाईवे पर हर वक्त गाड़ियों की भारी आवाजाही रहती है। यही वजह है कि यहां सुरक्षित आने-जाने के लिए जरूरी बोर्ड और रिफ्लेक्टर लगाने की मांग उठ रही है। वाहन चालकों को आगे रास्ते की हालत और चढ़ाव-उतार का समय रहते अंदाजा लग सके, इसके लिए सही दिशा-सूचक व्यवस्था होनी चाहिए।
लिंबखिंड से आनेवाडी टोल नाके के बीच सर्विस रोड खराब होने की वजह से कई दुचाकी चालक हाईवे का इस्तेमाल करने लगे हैं। इसका नतीजा यह है कि हाईवे पर चार पहिया और दुचाकी वाहनों की भीड़ बढ़ गई है, और तेज रफ्तार गाड़ियों से हादसे का डर भी बढ़ गया है।
इसी रास्ते पर एक चार पहिया वाहन की टक्कर से दुचाकी पर सवार प्रशांत बाबासो फरांदे की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सर्विस रोड की मरम्मत की मांग भी जोर पकड़ रही है।
उड्डाणपुल की कुछ स्ट्रीट लाइट रात के समय बंद रहती हैं, जिसकी वजह से वाहन चालकों को अंधेरे में गाड़ी चलाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। यहां नियमित तौर पर जांच करके रिफ्लेक्टर, सुरक्षा बोर्ड और लाइट व्यवस्था को चालू हालत में रखना जरूरी है।
सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक विभाग को हाईवे की नियमित जांच करके खतरनाक जगहों पर फौरन कदम उठाने चाहिए। आनेवाडी टोल नाके पर वाहन चालकों से टोल तो वसूला जा रहा है, लेकिन हाईवे पर सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है, ऐसा लोगों का कहना है। साथ ही वाहन चालकों को भी इस रास्ते पर स्पीड कंट्रोल में रखकर सुरक्षित सफर को प्राथमिकता देनी चाहिए।