शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

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22:34 IST

सांगली में महाविकास अघाड़ी की प्रचार सभा, हर्षदा देशमुख-जाधव और जयंत आसगावकर को जिताने का संकल्प

सांगली में महाविकास अघाड़ी की प्रचार सभा, हर्षदा देशमुख-जाधव और जयंत आसगावकर को जिताने का संकल्प तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पुणे स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर सांगली में महाविकास आघाडी का प्रचार सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार जयंत आसगावकर को जिताने का संकल्प जताया गया।

सम्मेलन में राष्ट्रवादी (शरदचंद्र पवार पक्ष) के नेता जयंत पाटील, कांग्रेस के नेता विश्वजित कदम और सांसद विशाल पाटील खास तौर पर मौजूद थे। महाविकास आघाडी के घटक दल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) समेत दूसरे घटक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे थे।

जयंत पाटील ने कहा कि महाविकास आघाडी के सभी घटक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिम्मेदारियां बांटकर मिलकर प्रचार करें। उनके मुताबिक स्नातकों और शिक्षकों के सवालों के लिए सक्षम नेतृत्व चुनने का यह एक मौका है।

पाटील ने आगे कहा कि पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव बहुत अहम है। उन्होंने कहा कि स्नातकों की बेचैनी और उनके सवालों को सही मंच मिलना जरूरी है। पाटील के मुताबिक हर्षदा देशमुख-जाधव लोगों के बीच काम करने वाली कार्यकर्ता हैं, जबकि जयंत आसगावकर ने विधान परिषद में शिक्षकों के सवाल हमेशा असरदार ढंग से उठाए हैं।

कांग्रेस नेता विश्वजित कदम ने एमपीएससी के छात्रों के आंदोलन और उनकी बेचैनी का जिक्र करते हुए परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने की मांग की। उन्होंने राज्य में सूखे के हालात का भी जिक्र किया और कहा कि किसानों के पानी के सवाल पर और विकास के मामले में किसी भी इलाके के साथ भेदभाव किए बिना बराबर न्याय होना चाहिए।

हर्षदा देशमुख-जाधव ने कहा कि आज की जेन-जी और आने वाली नई पीढ़ी ज्यादा जागरूक है। उनके मुताबिक इस पीढ़ी की पढ़ाई, रोजगार और भविष्य के सवाल वक्त रहते हल नहीं हुए तो यह पीढ़ी सड़कों पर उतरे बिना नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि स्नातकों और शिक्षकों को सक्षम बनाना ही महाविकास आघाडी का मकसद है।

हर्षदा देशमुख-जाधव ने सांगली से अपने रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "ग्रामीण और शहरी इलाके को जोड़ने की सीख मुझे सांगली से ही मिली है। मेरा ननिहाल सांगली जिले का लेंगरे है और मेरा बचपन इसी मिट्टी में बीता है। इसलिए मैं सांगली की नातिन और भांजी हूं। अपनी इस नातिन और भांजी को आप आशीर्वाद दीजिए।" सम्मेलन में उन्होंने यह भावुक अपील की।

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