मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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21:31 IST

सैमसंग के एआई उपकरणों की भारत में मांग तीन साल में नौ गुना बढ़ी

सैमसंग की जानकारी के अनुसार भारत में एआय-सक्षम कनेक्टेड घरेलू उपकरणों की मांग पिछले तीन साल में करीब नौ गुना बढ़ी है, और अब कुल बिक्री में एआय उपकरणों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है।

सैमसंग के एआई उपकरणों की भारत में मांग तीन साल में नौ गुना बढ़ी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

भारतीय घरों में अब टेक्नोलॉजी का रंग बड़ी तेजी से बदल रहा है, और इसमें सबसे बड़ा हाथ आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स यानी एआय का है। कभी सिर्फ महंगे टीवी या स्मार्टफोन तक सीमित रहने वाली यह टेक्नोलॉजी अब सीधे किचन में घुस गई है, रेफ्रिजरेटर में, वॉशिंग मशीन में और घर ठंडा रखने वाले एसी में भी। ग्राहक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुनिया की बड़ी कंपनी सैमसंग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन साल में भारत में एआय-सक्षम कनेक्टेड उपकरणों की मांग करीब नौ गुना बढ़ गई है।

आज का भारतीय ग्राहक सिर्फ काम चलाने वाला सामान नहीं खरीदता, बल्कि ऐसे उपकरण पसंद करता है जो बिजली बचाएं, खुद-ब-खुद काम आसान करें और स्मार्टफोन ऐप से कहीं से भी कंट्रोल हो सकें। इसी वजह से भारतीय घरों में एक तरह का स्मार्ट होम इकोसिस्टम तेजी से बन रहा है, और सैमसंग के लिए भारत दुनिया भर में सबसे तेज बढ़ने वाले बड़े बाजारों में शुमार हो गया है।

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के डिजिटल अप्लायंसेस बिजनेस की वाइस प्रेसिडेंट बोना ली की जारी की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक भारत में एआय उपकरणों की ग्रोथ हैरान करने वाली है। साल 2022 में देश में सैमसंग के नए कनेक्टेड उपकरणों की संख्या सिर्फ 82,000 थी। यह पिछले साल बढ़कर सीधे 7,32,000 तक पहुंच गई। इतना ही नहीं, इस साल के पहले सिर्फ आठ महीनों में ही सैमसंग ने पिछले पूरे साल की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया।

इस तेज रफ्तार ग्रोथ की वजह से सैमसंग के कुल कनेक्टेड उपकरणों के ग्लोबल बाजार में दक्षिण-पश्चिम एशिया का हिस्सा, जिसमें भारत सबसे आगे है, 2022 के सिर्फ 2 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 13 प्रतिशत हो गया है। यानी टेक्नोलॉजी अपनाने के मामले में भारतीय बाजार अब दुनिया के विकसित देशों के साथ कदम मिलाकर चल रहा है।

इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी ताकत भारत के युवा ग्राहक हैं। सैमसंग की स्टडी के मुताबिक भारत और दक्षिण-पश्चिम एशिया में सैमसंग का स्मार्टथिंग्स ऐप एक्टिव तरीके से इस्तेमाल करने वालों में से 71 प्रतिशत यूजर 20 से 30 साल की उम्र के युवा हैं। इसके मुकाबले ग्लोबल औसत सिर्फ 48 प्रतिशत है। यानी डिजिटल उपकरण अपनाने में भारत की युवा पीढ़ी ग्लोबल औसत से काफी आगे है। मेट्रो शहरों के साथ-साथ अब टियर-2 और टियर-3 शहरों में नया घर खरीदने वाले युवा और नौकरीपेशा लोग भी एआय उपकरणों की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। घर से बाहर से ही स्मार्टफोन से एसी चालू करना, फ्रिज में रखे खाने की स्थिति ट्रैक करना या कपड़ों के हिसाब से वॉशिंग मशीन का साइकल सेट करना, ये सब अब युवाओं की रोजमर्रा की आदत बन गया है।

सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के प्रेसिडेंट और सीईओ जेबी पार्क के मुताबिक इस समय भारत में बिकने वाले सैमसंग के कुल घरेलू उपकरणों में से 50 प्रतिशत से ज्यादा उपकरण एआय-आधारित हैं। अब तक एआय टेक्नोलॉजी को ज्यादातर प्रीमियम या महंगे उपकरणों तक ही सीमित माना जाता था, लेकिन कंपनी ने अब अपनी रणनीति बदल दी है। सैमसंग जल्द ही ये एआय फीचर मिड-रेंज और एंट्री-लेवल उपकरणों में भी उपलब्ध कराने वाली है, ताकि भारत के हर मिडिल क्लास परिवार को एआय होम का सीधा फायदा मिल सके।

इस साल की शुरुआत में सैमसंग ने साल के अंत तक दुनिया भर में 80 करोड़ उपकरणों को एआय फीचर से लैस करने का लक्ष्य रखा था, जो पिछले साल के 40 करोड़ के मुकाबले दोगुना है। भारत में आ रही इस भारी मांग से सैमसंग को अपना यह ग्लोबल टारगेट पूरा करने में बड़ी मदद मिल रही है। इंटरनेशनल स्तर पर आर्थिक दिक्कतों या भू-राजनीतिक तनाव का भारतीय ग्राहकों की खरीदारी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है, यह बात इन बिक्री के आंकड़ों से साफ हो जाती है।

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