रॉयल एनफील्ड का हिमालयन कल्चरल फेस्टिवल 3 से 9 दिसंबर तक दिल्ली में, इस बार 100 से ज्यादा इवेंट
रॉयल एनफील्ड सोशल मिशन की तरफ से दिल्ली के ट्रैवनकोर पैलेस में सात दिन का हिमालयन फेस्टिवल होने जा रहा है, जिसमें आर्ट, म्यूजिक, फूड और क्राफ्ट का बड़ा जमावड़ा दिखेगा।
रॉयल एनफील्ड सोशल मिशन इस बार 'Journeying Across The Himalayas 2026' नाम से एक सात दिन का सांस्कृतिक फेस्टिवल लेकर आ रहा है। इसका तीसरा एडिशन 3 दिसंबर से 9 दिसंबर 2026 तक नई दिल्ली के ट्रैवनकोर पैलेस में लगेगा। इस फेस्टिवल का मकसद लोगों को हिमालय की कला, संगीत, खानपान, फिल्मों, हस्तकला और वहां के लोकल कम्युनिटी की जिंदगी से करीब से रूबरू कराना है।
इस साल फेस्टिवल का दायरा पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा रखा गया है। कुल मिलाकर 100 से ज्यादा प्रोग्राम होंगे, जिनमें 25 से ज्यादा आर्ट एग्जिबिशन और इंस्टॉलेशन, 20 से ज्यादा लाइव म्यूजिक परफॉर्मेंस, 20 से ज्यादा फूड से जुड़े इवेंट और 50 से ज्यादा वर्कशॉप व बातचीत के सेशन शामिल हैं। इस बार 'Himalayan Bazaar' भी खास आकर्षण रहेगा, जिसमें हिमालयी इलाके के 45 से ज्यादा ब्रांड्स और क्राफ्ट कलेक्टिव मौजूद होंगे।
फेस्टिवल में आर्ट और लोकल कम्युनिटी की कहानियों को भी अहम जगह दी गई है। गौतम पांडे का प्रोजेक्ट 'Before Time' लद्दाख की पुरानी शैलचित्र यानी रॉक आर्ट के बारे में बताएगा। वहीं 'Into the Himalayas' नाम का वर्चुअल रियलिटी एक्सपीरियंस लोगों को स्नो लेपर्ड के हैबिटेट की सैर कराएगा। 'The Gaddi Suitcase' के जरिए गद्दी और भंगाली चरवाहा समुदायों की परंपराओं को संगीत, मिनिएचर आर्ट और कांगड़ी लोकसंगीत के जरिए दिखाया जाएगा।
म्यूजिक के शौकीनों के लिए ताबा चाके, रमन नेगी और आभा हंजुरा जैसे कलाकारों के परफॉर्मेंस होंगे। खाने के शौकीनों के लिए 'Chouka Courtyard' में कालिम्पोंग, असम, सिक्किम, शिलॉन्ग, नागालैंड और हिमाचल प्रदेश के पकवान और चाय की परंपराओं को चखने का मौका मिलेगा।
इस बार फेस्टिवल की थीम 'Becoming' रखी गई है, जिसके जरिए क्लाइमेट चेंज, माइग्रेशन, बदलते भूभाग और नई टेक्नोलॉजी की वजह से हिमालयी समुदायों में हो रहे बदलावों पर रोशनी डाली जाएगी। रोज फिल्मों की स्क्रीनिंग भी होगी, जिसका क्यूरेशन धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के 'DIFF On the Road' प्रोग्राम के जरिए किया जाएगा।
2025 वाले एडिशन में 11,000 से ज्यादा लोग फेस्टिवल देखने आए थे और 50 से ज्यादा हिमालयी समुदायों के लोग इसमें शामिल हुए थे। रॉयल एनफील्ड सोशल मिशन का लक्ष्य है कि 2030 तक वो 100 हिमालयी समुदायों के साथ मिलकर काम करे। यानी यह फेस्टिवल सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि हिमालय की संस्कृति, पर्यावरण और वहां की लोकल जिंदगी को समझने का एक मंच भी बनकर सामने आ रहा है।