मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:50 IST

रिजिजू बोले, भारत जैसी अभिव्यक्ति की आजादी कहीं नहीं, लोग दिन भर खुलकर बोलते हैं

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अमेजिंग इंडियन अवॉर्ड्स 2026 में कहा कि देश की तरक्की पूरे समाज का साझा सफर है।

रिजिजू बोले, भारत जैसी अभिव्यक्ति की आजादी कहीं नहीं, लोग दिन भर खुलकर बोलते हैं
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि देश की तरक्की अकेले किसी की नहीं होती, वह पूरे समाज का एक साझा सफर है। वे 'अमेजिंग इंडियन अवॉर्ड्स 2026' के समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने भारत की बदलती विकास कहानी, मजबूत आर्थिक तरक्की, लचीली लोकतांत्रिक व्यवस्था और टेक्नोलॉजी के बढ़ते असर पर विस्तार से अपनी बात रखी।

समारोह में उन समाजसेवकों को सम्मानित किया गया, जो बिना किसी प्रचार या इनाम की उम्मीद के पूरी निष्ठा से काम करते हैं। रिजिजू ने ऐसे लोगों को समाज के असली 'हिडन जेम्स' (Hidden Gems) कहा। उनके मुताबिक देश की नींव मजबूत करने में इन आम लोगों का योगदान बेमिसाल है। कार्यक्रम में देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाय. चंद्रचूड़ और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी समेत कई नामी मेहमान मौजूद थे।

एकजुटता का संदेश देते हुए रिजिजू ने कहा, "यह एक ऐसा सफर है, जिसे हम सबको मिलकर पूरा करना है। रास्ते में आने वाली हर समस्या का हम हिम्मत से सामना करेंगे और जब हम सब निजी और सामाजिक स्तर पर कामयाब होंगे, तभी असली देश कामयाब होगा।" उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा कि हम सब एक ही परिवार और एक ही टीम का हिस्सा हैं। सबके विचार और राय अलग हो सकते हैं, लेकिन यही वैचारिक विविधता भारतीय समाज की असली खूबसूरती और ताकत है।

अपने शुरुआती राजनीतिक सफर को याद करते हुए मंत्री ने बताया कि कुछ दशक पहले जब वे युवा सांसद के तौर पर संसद पहुंचे थे, तब उन्हें यह फिक्र रहती थी कि भारत दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से पीछे क्यों रह रहा है। रिजिजू के मुताबिक आज भारत की हैरान करने वाली आर्थिक तरक्की देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से भर जाता है। भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने खास तौर पर जोर दिया कि इस विकास का फायदा सिर्फ मौजूदा पीढ़ी तक सीमित न रहे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक भी पहुंचे।

रिजिजू ने साफ किया कि विकास की इस रफ्तार में अगर समाज का कोई तबका या वर्ग पीछे छूट रहा हो, तो उसे साथ लेकर चलना सरकार और समाज, दोनों की मुख्य जिम्मेदारी है। उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को दोहराते हुए सबको साथ लेकर चलने वाले विकास की जरूरत पर जोर दिया।

लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी पर बोलते हुए उन्होंने भारतीय व्यवस्था की तारीफ की। रिजिजू ने कहा कि भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में नागरिकों को सरकार से सवाल पूछने, असहमति जताने और अपनी आजाद सोच रखने की पूरी छूट है। उन्होंने कहा, "भारत जितनी अभिव्यक्ति की आजादी दुनिया में कहीं नहीं मिलेगी, जहां नागरिक सुबह से शाम तक खुलकर बोल सकते हैं।" इसी के साथ उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जो लोग सबसे ज्यादा बोलते हैं, वही अक्सर लोकतंत्र में आजादी न होने का शोर मचाते हैं। महाराष्ट्र से आए छात्रों के एक समूह से हुई बातचीत का अनुभव बताते हुए उन्होंने नौजवानों की ऊर्जा और उनके सवालों की सराहना की।

कार्यक्रम के आखिर में रिजिजू ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मिले मार्गदर्शन के दौर को शुक्रगुजार होकर याद किया। उन्होंने संदेश दिया कि वक्त के साथ पीढ़ियां, चुनौतियां और हालात भले बदल जाएं, देश की सेवा का मकसद कभी नहीं बदलता।

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