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रमा एकादशी 5 नवंबर को: व्रत में क्या करें, क्या न करें और पारण का समय

रमा एकादशी 5 नवंबर को: व्रत में क्या करें, क्या न करें और पारण का समय तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 टीम

पंचांग के मुताबिक कार्तिक महीने की रमा एकादशी का व्रत गुरुवार, 5 नवंबर को रखा जाएगा। जानिए तिथि, पूजा और परहेज के नियम।

पंचांग के मुताबिक कार्तिक महीने में आने वाली रमा एकादशी भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए बहुत खास मानी जाती है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष धार्मिक महत्त्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से उपवास और पूजा करने पर सुख और समृद्धि मिलती है।

तिथि की बात करें तो एकादशी बुधवार, 4 नवंबर को सुबह 11:03 बजे शुरू होगी और 5 नवंबर को सुबह 10:35 बजे खत्म होगी। उदय तिथि के हिसाब से रमा एकादशी का व्रत गुरुवार, 5 नवंबर को रखा जाएगा। व्रत शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को सुबह 6:37 से 8:48 बजे के बीच खोला जा सकता है।

इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, मंत्रों का जाप और दान-पुण्य को खास अहमियत दी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कुछ नियम निभाने से भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की कृपा मिलती है। परंपरा है कि इस दिन भगवान विष्णु की केशव रूप में पूजा होती है। पूजा में उन्हें पीले फूल, फल, धूप, दीये और तुलसी के पत्ते चढ़ाए जाते हैं। साथ ही विधि के मुताबिक देवी लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। माना जाता है कि इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का खास स्थान है और रमा एकादशी पर उन्हें तुलसी के पत्ते चढ़ाना शुभ माना जाता है। लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ने की परंपरा है, इसलिए पत्ते एकादशी से पहले ही तोड़कर रख लें। तुलसी के पौधे की पूजा करें और उसके प्रति आदर रखें।

इस शुभ दिन भगवान विष्णु के मंत्रों का पाठ फलदायी माना जाता है। आप "ओम नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके अलावा विष्णु सहस्रनाम और भगवान विष्णु से जुड़ी धार्मिक कथाओं का पाठ भी शुभ माना गया है। रमा एकादशी पर अन्न, कपड़े, फल और रोजमर्रा की जरूरी चीजों का दान पुण्य का काम समझा जाता है।

अब परहेज की बात। एकादशी के दिन चावल खाना मना माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन चावल खाने से व्रत के पुण्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए सिर्फ व्रत रखने वालों को ही नहीं, सामान्य खाना खाने वालों को भी चावल से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा मांस, मछली, अंडा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक पदार्थों से बचना चाहिए। सात्विक खाना खाकर मन को शांत रखने की सलाह दी जाती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार रमा एकादशी का व्रत कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष में आता है। पौराणिक मान्यता है कि इस व्रत से पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है। कहा जाता है कि जो लोग श्रद्धा और नियम से यह व्रत करते हैं, वे जीवन में सकारात्मकता लाते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि बनाए रखते हैं।

धर्म, ज्योतिष और वास्तु जैसे विषयों की यह जानकारी सिर्फ पाठकों की जानकारी के लिए है। इससे जुड़ा कोई भी प्रयोग करने से पहले जानकारों की सलाह जरूर लें।

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