राज्य भर में फैले नकली शराब के रैकेट का पर्दाफाश
कई जिलों में फैला है नेटवर्क, गढ़चिरोली-वर्धा में भी आपूर्ति, अमरावती मार्ग पर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 28.70 लाख का माल बरामद
राज्य भर में फैले नकली शराब के रैकेट का पर्दाफाश
कई जिलों में फैला है नेटवर्क, गढ़चिरोली-वर्धा में भी आपूर्ति, अमरावती मार्ग पर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 28.70 लाख का माल बरामद
नागपुर.
क्राइम ब्रांच ने नकली शराब की तस्करी करनेवाले रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस रैकेट के एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया है. नागपुर और वर्धा सहित राज्य के कई जिलों में फैले इस रैकेट से नकली शराब सहित 28.70 लाख का माल बरामद किया गया है. गिरफ्तार आरोपी अब्दूल तौसीफ अब्दूल हफीज (34) आजाद नगर, गिट्टीखदान है. उसका साथी अंकुश उर्फ अन्ना सुधाकर कुंचनवार (38) यशवंत नगर, हिंगणघाट फरार है.
क्राइम ब्रांच के वाहन चोरी निरोधक दल को अमरावती मार्ग से एक वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब का परिवहन किए जाने का पता चला. इसके आधार पर पुलिस दल ने अमरावती मार्ग के आठवा माईल के पास वाहन को पकड़ने की योजना बनाई. पुलिस को अमरावती से ट्रक क्रमांक एम.एच./40.सी.डी./1591 आता हुआ दिखाई दिया. पुलिस दल ने ट्रक की तलाशी ली तो उसमें कबाड़ का सामान रखा था. चालक अब्दूल तौसीफ ने कबाड़ लेकर जाने का बताया. पुलिस ने कबाड़ हटाकर ट्रक की जांच की. कबाड़ के नीच कंपार्टमेंट होने का पता था. कंपार्टमेंट खोलने पर शराब की पेटियां नजर आई. यह देखकर पुलिस दल भी चकरा गया. उसे कंपाटर्मेंट में छूपाए गए शराब के 39 बक्से मिले. पुलिस ने ट्रक चालक तौसीफ को हिरासत में ले लिया. उसने हिंगनघाट के अन्ना द्वारा ट्रक लेकर धुले भेजे जाने का बताया. तौसीफ के अनुसार धुले में अज्ञात आरोपी ट्रक लेकर गए थे. उन्होंने ही शराब रखकर ट्रक उसे सौंप दिया. तौसीफ को शराब गढ़चिरोली के आलापल्ली में छोड़नी थी.
शराब बोतलों की बनावट से पुलिस को उनकी नकली होने का संदेह हुआ. पुलिस ने आबकारी विभाग को जांच के लिए बुलाया. उनकी जांच में शराब के नकली होने की पुष्टि हुई. इस खुलासे से प्रकरण गंभीर हो गया है. ट्रक की बनावट और आरोपियों की युक्ति से इस रैकेट द्वारा काफी वक्त से गढ़चिरोली तथा वर्धा में नकली शराब की तस्करी किए जाने का पता चला रहा है. अन्ना हिंगणघाट का निवासी है. वर्धा में भी शराब बंदी है. इसके बावजूद वह विशेष ट्रक बनाकर नकली शराब की तस्करी कर रहा था. नकली शराब धुले से नागपुर, वर्धा और गढ़चिरोली पहुंचती थी. इस दौरान मार्ग में कई थाने आते है. महामार्ग पुलिस भी है. इसके बावजूद किसी को भी इस रैकेट की भनक तक नहीं लगना आश्चर्यजनक है. इस रैकेट में अन्ना, ताजाबाद के सद्दाम सहित कई लोगों के शामिल होने का संदेह है. पुलिस रैकेट से जूड़े लोगों का पता लगा रही है. यह कार्रवाई पीआई दिलीप चंदन, हवलदार रोशन तिवारी, विलास कोकाटे, सचिन बढ़िये, अजय शुक्ला, नितिन वर्मा, राहुल कुसरामे तथा अभय ढोणे ने की.
नागरिकों की जान से खिलवाड़
नकली शराब बनाने के लिए घातक रसायन का इस्तेमाल किया जाता है. यह एक तरह से नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ है. नकली शराब से कई मर्तबा लोगों को जान भी गवानी पड़ी है. इसके बावजूद इसके धड़ल्ले से तस्करी होना बहेद गंभीर है.