मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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20:40 IST

राजुरा थाने में एपीआई की नेताओं से बदसलूकी, सर्वदलीय पदाधिकारी भड़के

राजुरा पुलिस स्टेशन में तैनात सहायक पुलिस निरीक्षक योगेश पाटील पर नगरसेविका के परिवार से बदतमीजी और गुमशुदा लड़की की मां से बदसलूकी का आरोप, एसपी से जांच की मांग।

राजुरा थाने में एपीआई की नेताओं से बदसलूकी, सर्वदलीय पदाधिकारी भड़के
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चंद्रपुर जिले के राजुरा पुलिस स्टेशन में तैनात सहायक पुलिस निरीक्षक योगेश पाटील पर गंभीर आरोप लगे हैं। महिला नगरसेविका मंगला मोकडे के परिवार से बदतमीजी करने, गाली-गलौज करने और गुमशुदा लड़की की मां से अपमानजनक तरीके से पेश आने के मामले में सर्वदलीय पदाधिकारियों में जबरदस्त गुस्सा है। इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर सीधे जिला पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत दी गई है।

राजुरा पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक के जरिए चंद्रपुर के जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपा गया है। शिकायत के मुताबिक, 19 सितंबर 2026 को एक पारिवारिक विवाद के सिलसिले में कुणाल मोकडे को पूछताछ के लिए राजुरा पुलिस स्टेशन बुलाया गया था। कुणाल की गुजारिश पर राजुरा शहर कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व नगरसेवक हरजीतसिंग संधू दोपहर 1 से 3 बजे के बीच हालचाल जानने थाने पहुंचे। शिकायत में कहा गया है कि इसी दौरान सहायक पुलिस निरीक्षक योगेश पाटील ने बदसलूकी से पेश आते हुए कहा कि कौन धोटे, कौन भोंगळे, सारे नेता गाली-गलौज लायक हैं, ऐसी भाषा इस्तेमाल की। आरोप है कि उन्होंने कुणाल मोकडे को गाली देकर पीटा भी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बारे में भी अपमानजनक बातें कहीं।

इसी बीच 18 अगस्त 2026 को राजुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुए 14 साल की हर्षाली सत्यपाल मोहूले की गुमशुदगी के केस में उसकी मां अश्विनी सत्यपाल मोहूले जांच अधिकारी योगेश पाटील से बेटी के बारे में पूछताछ करने गई थीं। शिकायत के अनुसार उन्हें ठीक से जानकारी देने के बजाय उनसे बदतमीजी से बात की गई। आरोप है कि बेटी की सुरक्षा को लेकर परेशान मां को संवेदनशीलता से समझाने और जांच की जानकारी देने की जगह अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, इसलिए इस मामले की भी अलग से जांच की मांग की गई है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आम नागरिक, खासकर महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, इंसाफ की उम्मीद लेकर पुलिस स्टेशन आते हैं। ऐसे में उनसे संवेदनशीलता, सम्मान और कानून के दायरे में पेश आना चाहिए, लेकिन अगर बदसलूकी के आरोप लग रहे हैं तो वरिष्ठ अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेना जरूरी है। मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपों की सच्चाई परखी जाए, दोष साबित होने पर संबंधित अधिकारी पर कानूनी और विभागीय कार्रवाई हो, और नाबालिग लड़की की गुमशुदगी की जांच गंभीरता और तेजी से की जाए।

इस शिकायत की कॉपी महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा, सांसद प्रतिभाताई धानोरकर, राजुरा विधानसभा विधायक देवराव भोंगळे, चंद्रपुर के जिलाधिकारी और राजुरा पुलिस उपविभागीय अधिकारी को भी भेजी गई है। शिकायत पत्र में यह चेतावनी भी दी गई है कि अगर मामले पर तुरंत ध्यान देकर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो तालुका कांग्रेस कमेटी और सर्वदलीय पदाधिकारियों की ओर से तीखा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

इस मौके पर युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शंतनू धोटे, महिला जिलाध्यक्ष कुंदाताई जेनेकर, महिला तालुकाध्यक्ष निर्मला कुडमेथे, शहराध्यक्ष हरजीतसिंग संधू, शहराध्यक्षा संध्याताई चांदेकर, राष्ट्रवादी कांग्रेस के तालुकाध्यक्ष आशिफ सय्यद, संतोष देरकर, प्रणय धोटे, भाजप पदाधिकारी नगरसेवक भूपेश मेश्राम, नगरसेवक एजाज अहमद, पूनम गिरसावळे, अन्नुताई संधू, नीता बानकर, फरीना सय्यद, मंगला मोकडे, पोर्णिमा सोयाम, सामाजिक कार्यकर्ता संगीता धोटे, सुमित्राबाई कुचनकर, मंगला हांडे, प्रणय लांडे, मधुकर झाडे, संघपाल देठे समेत शहर की बड़ी संख्या में महिलाएं और नागरिक मौजूद थे।

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