पुणे के महापौर निवास पर तिरंगा और भगवा झंडा हमेशा के लिए लगाने की मांग
पार्षद सुनील पांडे ने महापौर को निवेदन देकर मांग की है कि पुणे महानगरपालिका के महापौर निवास पर दोनों झंडे सम्मान के साथ स्थायी रूप से लगाए जाएं।
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पुणे महानगरपालिका के पार्षद सुनील पांडे ने मांग की है कि महापौर निवास पर भारत का राष्ट्रध्वज तिरंगा और भगवा झंडा पूरे सम्मान के साथ हमेशा के लिए लगाया जाए। इसके लिए उन्होंने महापौर को निवेदन दिया है और गुजारिश की है कि संबंधित प्रशासनिक नियमों का पालन करते हुए जो भी जरूरी कार्रवाई बनती है, वह की जाए। इस मांग के बाद महापौर निवास पर दोनों झंडे लगाने का मुद्दा चर्चा में आ गया है।
महापौर निवास पुणे शहर के प्रथम नागरिक का सरकारी निवास है। इसी वजह से शहर की शान और सम्मान के लिहाज से इस जगह की खास अहमियत है। सुनील पांडे ने अपने निवेदन में कहा है कि अगर यहां तिरंगा और भगवा झंडा स्थायी रूप से लगाए जाते हैं, तो पुणे की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति की परंपरा उभरकर सामने आएगी।
पांडे के मुताबिक तिरंगा देश के गर्व, आजादी, एकता और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। वहीं भगवा झंडा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा, बहादुरी और त्याग की भावना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा है कि छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य की प्रेरणा के प्रतीक के तौर पर भी भगवे झंडे का महत्व है।
पांडे ने निवेदन में याद दिलाया है कि पुणे को ऐतिहासिक विरासत और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा मिली है। छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य के इतिहास से पुणे का खास रिश्ता रहा है। इसलिए शहर की इस ऐतिहासिक परंपरा का मान रखने के लिए महापौर निवास पर दोनों झंडे लगाए जाने चाहिए, यह उनकी मांग है।
पांडे ने यह भी साफ किया है कि महापौर निवास पर तिरंगा और भगवा झंडा सम्मान के साथ स्थायी रूप से लगाने की मांग पर विचार करते वक्त संबंधित प्रशासनिक नियमों का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि इस मांग की गंभीरता को देखते हुए महापौर और पुणे महानगरपालिका प्रशासन जरूरी कार्रवाई करे।
अब सबकी नजर इस पर है कि इस मांग पर महापौर और महानगरपालिका प्रशासन का क्या रुख रहता है और आगे क्या फैसला होता है।
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