प्रेमिका के शौक पूरे करने को ट्रेन में चोरी, B.Tech इंजीनियर ग्वालियर में गिरफ्तार
ग्वालियर जीआरपी ने एसी कोच में यात्रियों के बैग चुराने के आरोप में एक B.Tech इंजीनियर को पकड़ा है। उसके पास से 34 बैग बरामद हुए हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कहते हैं कि प्यार अंधा होता है, और यही अंधापन कई बार लोगों को जुर्म की राह पर ले जाता है। मध्य प्रदेश में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें एक नौजवान अपनी प्रेमिका की जिद और शौक पूरे करते-करते चोर बन गया। खास बात यह है कि यह चोर पढ़ा-लिखा है, B.Tech इंजीनियर है।
इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि इस युवक के पिता देश की सेवा करते हैं। वे Air Force में काम कर रहे हैं। एक अच्छे परिवार से आने वाले इस लड़के ने अंधे प्यार के चक्कर में घरवालों का सिर शर्म से झुका दिया।
ग्वालियर जीआरपी (रेलवे पुलिस) ने इस आरोपी को गिरफ्तार किया है। जीआरपी के मुताबिक आरोपी अपनी प्रेमिका के शौक पूरे करने के लिए लंबी दूरी की ट्रेनों के एसी डिब्बों में यात्रियों का सामान चुराता था। वह पहले अमीर दिखने वाले यात्रियों को चुनता था। जब वे सो जाते, तो उनका बैग लेकर जो भी स्टेशन आता, वहीं उतर जाता था। पुलिस ने उसके पास से 34 बैग जब्त किए हैं। इन बैगों में रखे सामान की कीमत करीब 8 लाख 26 हजार रुपये बताई गई है।
बताया गया है कि आरोपी चोरी के लिए एक खास तरीका अपनाता था। वह अच्छे और महंगे कपड़े पहनकर एसी कोच में सफर करता था, ताकि दूसरे यात्रियों को उस पर शक न हो। सफर के दौरान वह बाकी यात्रियों की हरकतों पर नजर रखता था। जैसे ही यात्रियों का ध्यान इधर-उधर जाता, वह उनका बैग उठाकर अगले स्टेशन पर उतर जाता था।
आरोपी का नाम दिलीप मौर्या है। मिली जानकारी के मुताबिक B.Tech इंजीनियर दिलीप के पिता इस समय Air Force में काम कर रहे हैं। दिलीप ने अपनी प्रेमिका की ख्वाहिशें और जिद पूरी करने के लिए चोरी शुरू की थी।
जांच के दौरान जीटी एक्सप्रेस में हुई चोरी के सामान का मामला भी सामने आया। गोल का मंदिर इलाके के प्रगति विहार के रहने वाले दीपक शर्मा के सामान की जांच करते हुए दिलीप पुलिस के हत्थे चढ़ा। इसके अलावा नागपुर की रहने वाली विशाखा शशिकांत के सामान की चोरी के मामले में भी दिलीप का नाम सामने आ रहा है।
जीआरपी ने आरोपी के पास से सभी 34 बैग जब्त कर लिए हैं। इनमें ट्रॉली बैग, लैपटॉप, मोबाइल फोन और दूसरा महंगा सामान शामिल है। इस पूरे सामान की कुल कीमत करीब 8 लाख 26 हजार रुपये है। जीआरपी के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कीर्ति नरवरिया के मुताबिक आरोपी शुरुआत में एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। आर्थिक नुकसान के बाद उसके हालात बदल गए, और फिर उसने चोरी करना शुरू कर दिया।
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने किन-किन ट्रेनों के यात्रियों को निशाना बनाया था और जब्त किया गया सामान किन यात्रियों का है। फिलहाल आरोपी से गहराई से पूछताछ चल रही है। जीआरपी को उम्मीद है कि इस पूछताछ से बरामद सामान के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी। साथ ही यह भी साफ होगा कि इस मामले से जुड़े और कितने तथ्य सामने आते हैं।
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