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20:05 IST

पितृपक्ष 2026: 26 सितंबर से शुरुआत, जानिए तिथिवार श्राद्ध की पूरी लिस्ट

गणपति बाप्पा के विसर्जन के बाद अब पितृपक्ष शुरू होने वाला है। जानिए किस तारीख को कौन सी तिथि का श्राद्ध करना है।

पितृपक्ष 2026: 26 सितंबर से शुरुआत, जानिए तिथिवार श्राद्ध की पूरी लिस्ट
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

हर घर में गणेशोत्सव की धूम चल रही है, और बाप्पा को विदाई देते ही अब दूसरा अहम काल शुरू होने वाला है, पितृपक्ष। यह वो समय होता है जब लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनके नाम पर श्राद्ध करते हैं।

वैदिक पंचांग के हिसाब से इस साल यानी 2026 में पितृपक्ष की शुरुआत शनिवार, 26 सितंबर से हो रही है। इसी दिन पौर्णिमा भी है, और पौर्णिमा के श्राद्ध से ही पितृपक्ष की शुरुआत मानी जाएगी। अनंत चतुर्दशी के अगले ही दिन से पितृपक्ष शुरू हो जाता है। यह करीब 15 दिन तक चलता है, और इस दौरान हर तिथि के हिसाब से श्राद्ध किया जाता है। जिन लोगों को अपने पूर्वजों की तिथि पता नहीं होती, वो सर्वपित्री अमावस्या के दिन श्राद्ध करते हैं।

पितृपक्ष का मतलब है वो समय जब हमें जन्म देने वाले पूर्वजों को याद किया जाता है और उनके प्रति कृतज्ञता जताई जाती है। इन दिनों में श्राद्ध करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है, ऐसी मान्यता है, और वो अपने परिवार को आशीर्वाद देते हैं। श्राद्ध हमेशा दोपहर के समय किया जाता है।

2026 के पितृपक्ष की पूरी तारीखें इस तरह हैं। पहला दिन यानी पौर्णिमा श्राद्ध 26 सितंबर 2026, शनिवार को है, इसी दिन से पितृपक्ष शुरू होगा। प्रतिपदा श्राद्ध 27 सितंबर 2026 रविवार को, द्वितीया श्राद्ध 28 सितंबर 2026 सोमवार को, तृतीया श्राद्ध 29 सितंबर 2026 मंगलवार को है। चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध 30 सितंबर 2026 बुधवार को एक साथ आ रहे हैं, क्योंकि इस दिन दोनों तिथियां मिल रही हैं। षष्ठी श्राद्ध 1 अक्टूबर 2026 गुरुवार को, सप्तमी श्राद्ध 2 अक्टूबर 2026 शुक्रवार को, अष्टमी श्राद्ध 3 अक्टूबर 2026 शनिवार को है। नवमी श्राद्ध 4 अक्टूबर 2026 रविवार को है, इस दिन को अविवाहित लोगों का श्राद्ध भी कहा जाता है। दशमी श्राद्ध 5 अक्टूबर 2026 सोमवार को, एकादशी श्राद्ध 6 अक्टूबर 2026 मंगलवार को, द्वादशी श्राद्ध 7 अक्टूबर 2026 बुधवार को है, और इसी दिन मघा नक्षत्र का श्राद्ध भी पड़ रहा है। त्रयोदशी श्राद्ध 8 अक्टूबर 2026 गुरुवार को, चतुर्दशी श्राद्ध 9 अक्टूबर 2026 शुक्रवार को है। आखिरी दिन यानी सर्वपित्री अमावस्या 10 अक्टूबर 2026 शनिवार को पड़ रही है।

सर्वपित्री अमावस्या के दिन सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है, और जिनकी तिथि मालूम नहीं है उनके लिए यह दिन बहुत खास माना जाता है।

माना जाता है कि हम आज जो कुछ भी हैं, वो अपने मां-बाप और दादा-दादी की वजह से हैं, जिन्होंने हमारे लिए बहुत मेहनत की। उनके प्रति सम्मान दिखाने और उनकी आत्मा को शांति मिले इसी वजह से श्राद्ध किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पितृपक्ष में किया गया दान और पिंडदान पूर्वजों तक पहुंचता है।

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