मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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21:31 IST

पितृदोष से मुक्ति के लिए ये 3 पारंपरिक उपाय आजमा सकते हैं

धार्मिक मान्यता के मुताबिक घर में पितृदोष होने पर वास्तुशास्त्र में कुछ आसान और घरेलू उपाय बताए गए हैं।

पितृदोष से मुक्ति के लिए ये 3 पारंपरिक उपाय आजमा सकते हैं
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

हिंदू धर्म में वास्तुशास्त्र को बहुत महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि घर में वास्तुदोष हो तो परेशानियां शुरू हो जाती हैं। इसी तरह पितृदोष हो तो घर में शांति नहीं रहती, घर के बड़े-बुजुर्गों की दूसरों से नहीं पटती, और सबसे बड़ी बात यह कि हाथ में पैसा नहीं टिकता, जिससे घर बिखरने लगता है।

अगर आपको भी ऐसी दिक्कतें आ रही हैं तो एक बार कुंडली दिखाकर देख लें कि कहीं पितृदोष तो नहीं। मान्यता के मुताबिक पितृदोष होने पर घबराने की जरूरत नहीं है। वास्तुशास्त्र में इसके लिए काफी आसान और घरेलू उपाय बताए गए हैं। कहा जाता है कि ये उपाय करने से पूर्वज खुश होते हैं और घर का दोष कम होता है। आइए जानते हैं ये 3 उपाय कौन से हैं।

पहला उपाय है रोज गाय को चारा खिलाना। हिंदू धर्म में गाय को पवित्र माना जाता है, इसीलिए उसे गोमाता कहा जाता है। मान्यता के मुताबिक अगर कुंडली में पितृदोष हो तो रोज गाय को कुछ न कुछ खिलाना चाहिए। रोज सुबह एक भाकरी, एक रोटी या हरा चारा गाय को खिलाएं और उसकी सेवा करें। कहा जाता है कि गाय की सेवा करने से पूर्वज खुश होते हैं। अब शहर में सबके लिए घर पर गाय पालना मुमकिन नहीं है, तो ऐसे में पास की गोशाला में जाकर गायों को चारा खिलाया जा सकता है और उनकी सेवा की जा सकती है। मान्यता है कि यह उपाय रोज बिना नागा करने से कुछ ही दिनों में घर की परेशानी कम होती है और पितृदोष दूर होने में मदद मिलती है।

दूसरा उपाय है पीपल के पेड़ की परिक्रमा करना। पितृदोष दूर करने का यह सबसे आसान और पुराना उपाय बताया जाता है। रोज सुबह उठकर पीपल के पेड़ की परिक्रमा करनी चाहिए, जितनी हो सके उतनी परिक्रमा करें, 7, 11 या 21 परिक्रमा भी की जा सकती हैं। मान्यता है कि पीपल के पेड़ में भगवान का वास होता है और पूर्वजों का भी वास पीपल में होता है, इसलिए परिक्रमा करने से पितृदोष कम होता है। इसके साथ एक जरूरी बात का ध्यान रखना चाहिए कि साल में कम से कम एक बार अपने पूर्वजों का श्राद्ध और पक्ष तिथि के मुताबिक जरूर करें। ऐसा न करने पर पितृदोष बढ़ता है, इसलिए श्राद्ध पक्ष के वक्त पूर्वजों को भोजन दें और उन्हें याद करें।

तीसरा उपाय है तुलसी के पास दीया जलाना। हर किसी के घर में तुलसी होती है। वास्तुशास्त्र के मुताबिक तुलसी के पास दीया जलाने से घर के सारे दोष दूर होते हैं। अगर घर में पितृदोष हो या कोई और दोष हो तो रोज सुबह-शाम तुलसी के पास दीया जलाना चाहिए। दीया जलाते वक्त मन में पूर्वजों का नाम लेकर घर में सुख-शांति बने रहने की प्रार्थना करनी चाहिए। यह छोटा सा उपाय दिखने में मामूली लगता है, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा बताया जाता है। मान्यता है कि रोज दीया जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है, सुख-शांति और लक्ष्मी का वास होता है, झगड़े कम होते हैं और पैसों की दिक्कत भी दूर होती है।

(ध्यान दें: धर्म, ज्योतिष, वास्तु, फेंगशुई जैसे विषयों की खबरें सिर्फ पाठकों की जानकारी के लिए हैं। इनसे जुड़ा कोई भी उपाय करने से पहले जानकार लोगों की सलाह लेना जरूरी है।)

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