फॅटी लिव्हर की दिक्कत हो तो क्या खाएं, रोटी अच्छी या चावल नुकसान करता है?
फॅटी लिव्हर आजकल तीन-चार में से एक भारतीय को परेशान कर रहा है, बेवजह की चरबी लिव्हर पर जम जाती है और शुरुआत में पता भी नहीं चलता।
आजकल फैटी लिवर की प्रॉब्लम बहुत लोगों को हो रही है। हर तीन-चार लोगों में से एक को यह तकलीफ होने का चांस रहता है, और भारतीयों में तो यह प्रमाण और भी ज्यादा है। इसकी वजह है एक्सरसाइज न करना और खाने में शक्कर की मात्रा ज्यादा होना, साथ ही मेटाबॉलिज्म से जुड़ा कनेक्शन भी इसके पीछे बड़ा कारण है।
दिक्कत यह है कि फैटी लिवर का पता जल्दी नहीं चलता। लिवर में थोड़ी-थोड़ी चरबी जमा होती रहती है और शुरुआत में कोई तकलीफ महसूस नहीं होती, इसलिए इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। सवाल यह उठता है कि फैटी लिवर होने पर क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए।
जिनको फैटी लिवर की तकलीफ है, उनके लिए रोटी खाना फायदेमंद बताया गया है। रोटी गेहूं, ज्वार और नाचनी से बनती है, जिसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, और फाइबर वाला खाना फैटी लिवर वालों के लिए अच्छा माना गया है। इसलिए रोटी यानी चपाती फैटी लिवर वालों के लिए बेहतर ऑप्शन है।
वहीं दूसरी तरफ, ज्यादा चावल खाने से बचना चाहिए क्योंकि चावल में फाइबर कम होता है। इसके साथ ही शक्कर जैसी चीजें और मैदा भी पूरी तरह कम कर देना चाहिए, क्योंकि इनसे फैटी लिवर बढ़ने का खतरा रहता है।
फैटी लिवर के शुरुआती लक्षणों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार थकान होना, बिना किसी वजह के सांस फूलना, लिवर पर ज्यादा दबाव पड़ने पर ताकत कम होना और सूजन बढ़ना, ये सब शुरुआती फैटी लिवर या मेटाबॉलिक गड़बड़ी के संकेत हो सकते हैं।
इसके अलावा पसलियों के नीचे दाईं तरफ हल्का दर्द या अजीब सा भारीपन महसूस होना, खाना खाने के बाद पेट बहुत भरा-भरा लगना और गैस होना, ये भी लिवर में चरबी जमा होने के संकेत हो सकते हैं। लिवर में चरबी बढ़ने पर पेट में भारीपन, अपच, टॉयलेट का टाइम बदलने जैसी कई तकलीफें भी महसूस हो सकती हैं।
किसे ज्यादा खतरा रहता है, इसको लेकर बताया गया है कि जिन लोगों की शारीरिक हलचल कम है, जिनका वजन ज्यादा है, जिन्हें इंसुलिन रेजिस्टेंस, टाइप 2 डायबिटीज, PCOS या ज्यादा ट्राइग्लिसराइड्स की तकलीफ है, उन्हें फैटी लिवर का खतरा ज्यादा रहता है। ज्यादा शक्कर, प्रोसेस्ड फूड, लगातार तनाव और बैठे रहने की आदत की वजह से लिवर में चरबी धीरे-धीरे जमा होती जाती है और शुरुआत में कोई लक्षण नजर नहीं आते। थोड़ी सी शराब भी लिवर में चरबी बढ़ा सकती है। पेस्ट्री, तली हुई चीजें, सोडा और पैकेट जूस, ये सब लिवर में सूजन बढ़ाने का बड़ा कारण हैं।
देर से खाना खाने पर मेटाबॉलिज्म बिगड़ता है, लिवर में चरबी जमा होती है और फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है। लगातार तनाव और दिनभर बैठे रहने से ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते हैं, मेटाबॉलिज्म बिगड़ता है और फैटी लिवर की तकलीफ और गंभीर हो जाती है।