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12:59 IST

फलटण का श्रीराम कारखाना 70वें पेराई सीजन में उतरा, रामराजे ने पूर्व सांसद पर लगाए आरोप

फलटण श्रीराम सहकारी चीनी कारखाने ने 70वें गन्ना पेराई सीजन की शुरुआत की। विधायक रामराजे नाईक निंबालकर ने पूर्व सांसद रणजीतसिंह नाईक निंबालकर पर राजनीतिक दखल का आरोप लगाया।

फलटण का श्रीराम कारखाना 70वें पेराई सीजन में उतरा, रामराजे ने पूर्व सांसद पर लगाए आरोप तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

फलटण श्रीराम सहकारी चीनी कारखाने ने 70वें पेराई सीजन में कदम रख दिया है। कारखाना बंद हो जाएगा या उसका निजीकरण होगा, इस तरह की चर्चाएं चल रही थीं। इन सबके बीच सोमवार, 12 अक्टूबर को सीजन की शुरुआत हुई। इससे गन्ना उगाने वाले किसानों, मज़दूरों और ट्रांसपोर्टरों में नई उम्मीद जगी है।

कारखाने में विधिवत पूजा और बॉयलर अग्निप्रदीपन रामराजे नाईक निंबालकर के हाथों हुआ। इसी के साथ साल 2026-27 के पेराई सीजन का आगाज़ किया गया। इस मौके पर विधायक श्रीमंत रामराजे नाईक निंबालकर ने आरोप लगाया कि कारखाने की मुश्किलों के पीछे राजनीतिक चालें हैं। उन्होंने पूर्व सांसद रणजीतसिंह नाईक निंबालकर की आलोचना की। रामराजे ने सदस्यों से अपील की कि वे एकजुट रहें और अपना गन्ना अपने ही श्रीराम कारखाने को दें।

रामराजे के मुताबिक कारखाने का चुनाव डेढ़ से पौने दो साल तक टलता रहा और इसका असर कामकाज पर पड़ा। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग और चीनी आयुक्त से रिपोर्ट मंगवाकर फैसला लिया जाता तो शिकायतों से बचा जा सकता था। उनका आरोप है कि इन घटनाक्रमों के पीछे पूर्व सांसद की राजनीति है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए सम्मान जताते हुए रामराजे ने कहा कि उनके नाम का सहारा लेकर सहकारी संस्थाओं के कामकाज में दखल देना ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास के काम रोकने, सहकारी कारखानों को मुश्किल में डालने और बैंकों पर कब्ज़ा करने की राजनीति से पार्टी का विस्तार नहीं होता।

रामराजे ने बताया कि बुरे वक्त में मज़दूरों के त्याग और सदस्यों की एकजुटता से कारखाना दोबारा चालू हो सका। उन्होंने सदस्यों से कहा कि वे कारखाने की शेयर पूंजी पूरी करने की कोशिश करें, ताकि आर्थिक बुनियाद मज़बूत हो। साथ ही उन्होंने पूर्व सांसद को चुनौती दी कि वे अपने कारखाने के संचालकों के नाम, गन्ने की पेराई, शक्कर की रिकवरी और देनदारियों की जानकारी सार्वजनिक करें।

रामराजे ने आरोप लगाया कि उस कारखाने में तौल में हेराफेरी होती है। उन्होंने कहा कि साखरवाडी और श्रीराम, दोनों कारखाने उन्होंने बचाए। सदस्यों की रोज़ी-रोटी पर राजनीतिक स्वार्थ की वजह से असर पड़ेगा, तो 78 साल की उम्र में भी वे सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे, यह चेतावनी भी उन्होंने दी।

कारखाना शुरू होने से गन्ना किसानों, मज़दूरों, ट्रांसपोर्टरों और आसपास के कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि नियमित पेराई, कारखाने की आर्थिक स्थिरता और गन्ना उत्पादकों को वाजिब दाम दिलाना, ये प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौतियां रहेंगी। रामराजे ने यह भी कहा कि सूखे के हालात और पानी की किल्लत को देखते हुए अगले सीजन में गन्ने की पैदावार पानी के बंटवारे की योजना पर निर्भर करेगी।

कार्यक्रम में कारखाने के चेयरमैन डॉ. बाळासाहेब शेंडे, पूर्व विधायक दीपक चव्हाण, श्रीमंत संजीवराजे नाईक निंबालकर, वाइस चेयरमैन नितीन शाहूराज भोसले, धनंजय पवार, अमोल सस्ते, भगवान होळकर, जितेंद्र पवार, दत्ता बापू अनपट और रेश्मा भोसले समेत संचालक, अधिकारी, कर्मचारी, गन्ना उत्पादक सदस्य और ट्रांसपोर्टर मौजूद थे। प्रस्तावना और संचालन संचालक संतोष खटके ने किया, जबकि सुखदेव बेलदार ने आभार माना।

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