PF निकालने से पहले UAN में ये 6 डिटेल्स जरूर चेक कर लें, वरना पैसा अटक सकता है
EPFO के रिकॉर्ड में गलत जानकारी होने पर ऑनलाइन क्लेम अटक सकता है, इसलिए दावा करने से पहले UAN के जरूरी डिटेल्स जांचना जरूरी है।
नौकरी करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि यानी EPF लंबी अवधि की बचत का एक बड़ा सहारा है। लेकिन जब जरूरत के समय इस खाते से पैसा निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम फाइल किया जाता है, तो EPFO रिकॉर्ड में कोई गलत या मेल न खाने वाली जानकारी होने पर दिक्कत खड़ी हो सकती है। इसीलिए दावा फाइल करने से पहले UAN खाते के जरूरी डिटेल्स एक बार जांच लेना फायदेमंद रहता है।
सबसे पहले आधार की जानकारी देखनी चाहिए। UAN से जुड़ा आधार और EPFO रिकॉर्ड में दर्ज पर्सनल डिटेल्स सही हैं या नहीं, खासकर नाम और जन्मतारीख जैसी बातों पर ध्यान देना जरूरी है।
दूसरा, PAN की डिटेल भी जांचनी चाहिए। UAN में दर्ज PAN नंबर सही है या नहीं और उस पर लिखा नाम EPFO रिकॉर्ड से मैच करता है या नहीं, यह देख लें।
तीसरा, बैंक खाता और IFSC कोड सही होना बहुत जरूरी है, क्योंकि PF की रकम इसी खाते में जमा होगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि वह बैंक खाता चालू हालत में हो।
चौथी बात, नाम की स्पेलिंग की है। अगर EPFO, आधार और PAN में नाम की स्पेलिंग अलग-अलग है, तो पहले उसे ठीक करवा लेना ही सही रहेगा।
पांचवां, जन्मतारीख की जांच करें। UAN में दर्ज जन्मतारीख सही है या नहीं, यह सदस्य की पहचान और EPFO रिकॉर्ड के लिहाज से अहम डिटेल है।
छठा, नौकरी की तारीखों पर भी नजर डालें। कंपनी में जॉइन करने की Date of Joining और नौकरी छोड़ने की Date of Exit सही दर्ज है या नहीं, यह भी चेक कर लेना चाहिए।
EPFO ने जनवरी 2025 में सदस्यों की प्रोफाइल में जानकारी सुधारने का प्रोसेस आसान बना दिया था। जिन सदस्यों का UAN आधार से पहले ही वेरिफाई है, वे पात्र मामलों में नाम, जन्मतारीख, लिंग, राष्ट्रीयता, माता-पिता का नाम, वैवाहिक स्थिति और नौकरी में जॉइन व एग्जिट की तारीख जैसे कई डिटेल्स खुद अपडेट कर सकते हैं। हालांकि 1 अक्टूबर 2017 से पहले मिले कुछ UAN के मामलों में एम्प्लॉयर से वेरिफिकेशन कराना पड़ सकता है।
अप्रैल 2025 में EPFO ने एक और बदलाव किया था। UAN के साथ बैंक खाते की डिटेल जोड़ने के लिए अब बैंक से वेरिफिकेशन होने के बाद एम्प्लॉयर की मंजूरी लेने की जरूरत खत्म कर दी गई। इसके अलावा ऑनलाइन क्लेम करते समय चेक या वेरिफाइड बैंक पासबुक की कॉपी अपलोड करने की शर्त भी हटा दी गई।
PF निकालने के लिए किसी एजेंट या अनजान व्यक्ति की मदद लेते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। EPFO खुद अपने सदस्यों को चेतावनी देता है कि UAN, पासवर्ड, PAN, आधार, बैंक खाते की डिटेल या OTP किसी के साथ भी शेयर न करें। EPFO के ऑफिशियल पोर्टल पर यह साफ बताया गया है कि EPFO फोन, मैसेज या सोशल मीडिया के जरिए ऐसी संवेदनशील जानकारी कभी नहीं मांगता।
इसलिए PF निकालने की जल्दबाजी करने के बजाय, क्लेम फाइल करने से पहले कुछ मिनट निकालकर सारी जानकारी जांच लेना फायदे का सौदा हो सकता है। अगर डिटेल्स में कोई गलती मिलती है, तो पहले उसे ठीक करवाएं और उसके बाद ही ऑनलाइन क्लेम फाइल करें।