मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
19:48 IST

पेशाब के रंग और झाग में बदलाव को न टालें, किडनी की बीमारी के हो सकते हैं संकेत

लेख के मुताबिक पेशाब के रंग, झाग और बदबू में बदलाव को मामूली समझकर छोड़ना ठीक नहीं है।

पेशाब के रंग और झाग में बदलाव को न टालें, किडनी की बीमारी के हो सकते हैं संकेत
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

पेशाब के रंग, झाग या बदबू में बदलाव को कई लोग मामूली बात समझकर छोड़ देते हैं। लेख में बताया गया है कि शरीर का जहरीला कचरा पसीने, पेशाब और मल के रास्ते बाहर निकलता है। इसलिए पेशाब को ज्यादा देर तक रोककर रखना ठीक नहीं है। लेख के मुताबिक लाइफस्टाइल में आए बदलाव किडनी की सेहत को खतरे में डालते हैं, इसलिए शरीर में दिखने वाले बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

लेख में कहा गया है कि किडनी से जुड़ी बीमारी शुरू होने पर पहले दिनों में लक्षण बहुत आम लगते हैं। लेकिन वक्त के साथ तकलीफ बढ़ती जाती है और किडनी फेल हो सकती है। पेशाब में झाग, तेज या उग्र बदबू और गहरा रंग ऐसे ही बदलाव हैं, जिन्हें लोग अक्सर सामान्य मान लेते हैं।

लेख के अनुसार पानी कम पीने के अलावा खाने की चीजों, दवाइयों और विटामिन की गोलियों से भी पेशाब का रंग बदल सकता है। दिनभर में जरूरत भर का पानी पिया जाए तो पेशाब का रंग बहुत हल्का या सफेद रहता है, जबकि पानी कम पीने पर रंग बदलने लगता है। लगातार झाग वाला पेशाब, लालिमा, जलन, बुखार, कमर में दर्द, सूजन या पेशाब की मात्रा घटना जैसे लक्षण दिखें तो वक्त रहते इलाज कराना चाहिए, ऐसा लेख में कहा गया है।

तेज बदबू के बारे में लेख का कहना है कि यह हमेशा संक्रमण से नहीं आती। शरीर में पानी की कमी, कैल्शियम या दूसरी पेनकिलर गोलियों के सेवन से भी ऐसा हो सकता है। एस्पैरेगस, कॉफी और बहुत मसालेदार खाने से भी पेशाब का रंग बदलता है, और पेशाब करते वक्त जलन और तेज दर्द भी हो सकता है। वहीं जलन, बार-बार पेशाब जाना, पेशाब रोक न पाना और पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द किडनी से जुड़ी बीमारी होने पर दिखने वाले लक्षण बताए गए हैं।

झाग को लेकर लेख में बताया गया है कि पेशाब ज्यादा देर रोकने पर भरा हुआ मूत्राशय पेशाब करते वक्त टॉयलेट के पानी पर तेजी से गिरता है, जिससे झाग बनता है। लेकिन अगर झाग हमेशा दिखता हो तो डॉक्टर की सलाह से सही इलाज कराना चाहिए। लेख के मुताबिक पेशाब के रास्ते प्रोटीन बाहर जाने लगे तो यह किडनी की समस्या की तरफ इशारा है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या परिवार में किडनी की बीमारी का इतिहास हो तो किडनी की बीमारी जल्दी घेर लेती है।

लेख में यह भी कहा गया है कि यूटीआई या पेशाब से जुड़ी गंभीर बीमारी होने पर पेशाब में खून आने लगता है और उसका रंग गुलाबी दिखता है। इसे शरीर के लिए बहुत गंभीर और खतरे का लक्षण बताया गया है। किडनी, मूत्राशय या मूत्रमार्ग की ज्यादा गंभीर बीमारियों से जुड़े लोगों को सही इलाज कराना जरूरी है। शरीर में पानी की कमी, संक्रमण, क्रिस्टल या पथरी से पेशाब के रास्ते में संक्रमण बढ़ता है।

लेख के साथ दी गई टिप्पणी में साफ किया गया है कि यह जानकारी सिर्फ आम जानकारी के लिए है और इसमें किसी इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेने को कहा गया है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे