पानी पीने का गलत तरीका किडनी पर पड़ सकता है भारी, जानिए कितना पानी है सही
पानी शरीर के लिए ज़रूरी है, लेकिन ज़रूरत से ज्यादा या गलत तरीके से पीने पर किडनी की सेहत पर असर पड़ सकता है।
पानी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। शरीर में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने के लिए जितना पानी चाहिए, उतना पीना ज़रूरी बताया गया है। आम तौर पर दिन भर में 2 से 3 लिटर पानी पीने की बात कही गई है। लेकिन पानी गलत तरीके से पिया जाए तो किडनी की सेहत पर गंभीर असर पड़ने की आशंका रहती है।
ज़रूरत से ज्यादा पानी पीने पर खून में सोडियम का लेवल गिर सकता है और हायपोनेट्रेमिया जैसी गंभीर बीमारी लग सकती है। इसलिए पानी की मात्रा तय करते समय प्यास, पेशाब का रंग, मौसम और अपनी सेहत की हालत को ध्यान में रखना चाहिए। कई लोग सुबह उठकर खाली पेट एक या दो गिलास पानी पीते हैं, मगर गलत तरीके से पानी पीने से पेट में दर्द या दूसरी दिक्कतें हो सकती हैं।
ज्यादा पानी पीने से किडनी पर तनाव आता है। खून में सोडियम अचानक कम हो जाए तो हायपोनेट्रेमिया नाम की गंभीर और जानलेवा हालत बन जाती है। इसलिए जिन लोगों को किडनी की बीमारी है या जो डायलिसिस पर हैं, उन्हें ज़रूरत भर का ही पानी पीना चाहिए। खून में सोडियम घटने से कोशिकाओं में सूजन, तेज़ सिरदर्द, उल्टी और घबराहट हो सकती है, और इंसान कोमा में भी जा सकता है।
हर व्यक्ति के शरीर को पानी की एक जैसी मात्रा नहीं चाहिए होती। आम लोगों के लिए दिन भर में 2 या 3 लिटर पानी काफी बताया गया है। यह मात्रा उम्र, शरीर की बनावट, मौसम, शारीरिक मेहनत और सेहत की हालत पर टिकी होती है। जो लोग दिन भर धूप में काम करते हैं, उन्हें 4 से 5 लिटर पानी की ज़रूरत पड़ सकती है। पानी के साथ अलग-अलग फल और शरीर को ऊर्जा देने वाली चीज़ें खाने की भी बात कही गई है, क्योंकि इनसे शरीर में पानी का संतुलन बना रहता है।
शरीर में पानी की मात्रा पेशाब के रंग से भी पहचानी जा सकती है। शरीर में पानी ठीक हो तो पेशाब का रंग हल्का पीला रहता है। लेकिन दवाइयां, सप्लीमेंट्स या दूसरी गंभीर बीमारी की दवाइयां लेने पर पेशाब का रंग बदल सकता है। इसलिए पानी पीने का कोई टारगेट नहीं होता, बल्कि शरीर को जितना चाहिए उतना ही पीना ज़रूरी है।
ब्लड टेस्ट से पहले बहुत ज्यादा पानी पी लिया जाए तो खून पतला हो जाता है और रिपोर्ट में क्रिएटिनिन कम दिखने लगता है। इसलिए दिन भर में ज़रूरत से ज्यादा पानी पीने के बजाय उतना ही पिएं जितना शरीर को चाहिए।
यह जानकारी सिर्फ आम जानकारी के लिए है और इसमें किसी इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय आज़माने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेने को कहा गया है।