मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:59 IST

पालघर में सांप काटने से बिगड़ी आदिवासी महिला की जान 108 एंबुलेंस ने बचाई

मोखाडा के दूरदराज इलाके में सांप के डंसने के बाद गंभीर हुई 60 साल की महिला को 108 एंबुलेंस टीम ने समय पर इलाज देकर बचाया।

पालघर में सांप काटने से बिगड़ी आदिवासी महिला की जान 108 एंबुलेंस ने बचाई
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

पालघर जिले के मोखाडा तालुका के एक बेहद दुर्गम इलाके में 108 एंबुलेंस सेवा एक 60 साल की आदिवासी महिला के लिए जीवनदायिनी बन गई। खेत में घास काटते वक्त जहरीले सांप ने डंस लिया था, जिसके बाद हालत गंभीर हो गई थी। एंबुलेंस में ही वक्त रहते इलाज शुरू कर दिया गया, और इसके बाद अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के बाद महिला की तबीयत स्थिर हुई और उन्हें घर भेज दिया गया।

यह घटना 9 सितंबर को मोखाडा तालुका की बेरिस्ते ग्रामपंचायत के तहत आने वाले पासोडीपाडा गांव में हुई। नर्मदा महादू महाले नाम की महिला खेत में घास काट रही थीं, तभी जहरीले सांप ने उन्हें डंस लिया। यह देखते ही घरवाले उन्हें फौरन आसे प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले गए।

प्राइमरी हेल्थ सेंटर में इलाज चल ही रहा था कि नर्मदा महाले की हालत और बिगड़ गई। इस पर डॉक्टरों ने उन्हें आगे के इलाज के लिए बड़े अस्पताल में शिफ्ट करने की सलाह दी। लेकिन उस वक्त आसे की 108 एंबुलेंस एक दूसरे गंभीर मरीज को लेकर जा चुकी थी, इसलिए वह उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में मोखाडा की 108 एंबुलेंस को तुरंत बुलाया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए 108 एंबुलेंस के डॉ. पंजाबराव चव्हाण फौरन आसे प्राइमरी हेल्थ सेंटर पहुंचे। नर्मदा महाले की हालत देखने के बाद उन्हें एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया। अगले अस्पताल तक पहुंचने में वक्त जाया न हो, इसके लिए रास्ते में ही जरूरी मेडिकल इलाज जारी रखा गया।

इसके बाद नर्मदा महाले को मोखाडा के उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. निरंजन सापटे ने आगे का इलाज किया। दो दिन इलाज चलने के बाद, और इलाज के लिए उन्हें नाशिक के सिविल हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। वहां तीन दिन इलाज चलने के बाद तबीयत स्थिर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया।

मोखाडा जैसे दुर्गम और आदिवासीबहुल इलाके में इमरजेंसी के वक्त मरीज को सही समय पर इलाज मिलना बहुत मायने रखता है। एंबुलेंस उपलब्ध कराने से लेकर रास्ते में इलाज जारी रखने तक, मेडिकल टीम की तत्परता की वजह से नर्मदा महाले को समय रहते आगे का इलाज मिल सका। नर्मदा महाले के बेटे मधुकर महाले ने 108 एंबुलेंस सेवा, डॉ. पंजाबराव चव्हाण और इलाज करने वाली मेडिकल टीम का शुक्रिया अदा किया है।

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